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________________ Jain Education International 2010_02 For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org वर्षे वैशाख वदि ७ भूमे लिखितम् ।।छ।। अंत : इति श्री धर्मघोषसूरिशिष्य श्रीमहेन्द्रसूरिशिष्यभुवनतुङ्गसूरिभिः कृतावचूरिः समाप्तः ।। श्रीः।। शुभं भवतु ।।छ।। संवत् १५७३ श३ञ्जातः मूल-देसिक्कदेसविरओ... अवचूरि- अथातुरप्रत्याख्यानावचूरिर्लिख्यते ।। इह सर्वेषां जीवानां नवहस्तकुन्त..... नं. १००८५ डा. नं. २१७ શ્રી હેમચન્દ્રાચાર્ય જૈન જ્ઞાનભંડાર, પાટણ. पाद सिफारि समामा माहात् वालविर डिएम (एलगिया सन सिक्नास सामुदा 12 दिसावादिन हरदार नियमाणदिर माविमा व दिसावर म हवामा चाटीविया सापादिना मिलमक्रिया ६० लाइट निसार लास याच दोरु दिनु मारेमास विरा इडियांगना क्लाडियम रामानन्दाः खमालिएस करणारा नियमात मनवान नियमासिकासह मात्र मे मिला बाडिमामसाम सिदंत ससाणा दिहा (लाएं डियमचा मित्र देसमा (समिति त्रिदिवास महाडिकमा मिश्प डिकमा मिणास्या डिकमा क्रिममि मिचादपणाला वापरला रमवा चित्तखव। दसणारा प्रा. रागादा संजालमा कक एका कारण काम "काम कला का (ए) निशाणगंज से लगलग कारण एमालेका वरंकाएव संका एलये करावं पर निंदका (ए। एरगार हे काप ि कारणदारे कारण कुछ विकाए कारण दिदा का दाम एक यहं का परिवार्य का एहसास कारण ग्रावासमा दिगो कामसमा दिमरण का श| कोमा दयाह काहिरका राग का रहा। सा यागास्का एशवस्मारकापडिमा जाम काकादव सिन रा समिरमा कमाकमाया गया मित्रा मिडब (एसकार मिया में विस्मरमा एसएसपी मंदस्यू काय 12 सामान गया। आसान [क] सिरियामा दम सच्वादारवि दिसंत्रा ससाण्यासमा मिस मामि । २४ द्या इमं मिसम O पिता विकृताधारख विल्ल दितोया मेदिताने या मिशा तिवारीवर निया नियमनएव विरते सित्र न्वार्यमिव दिर्वकार्मोनावरण दिन स्थानकेमनला तोजीकल नियनिमिया म नीतिगत मामा मिशिवमिथ्याना निकायका हितनादात दमनमा मोहन नाकाला नायतामा रातारात मानवता धन्यास्यानगोन नह यस्यातिथिस्यादित्यानतिनियमकान्यधिकरिय नोइंडिये माशासमा विद्वानानंयस्य नागवनियमि नीचकारयामाराऊने ति तीर्घकाराचे मगनिधन ऊराम स्वरूपता दिपकार इत्या चलकाना तेतिज्ञानसहान्या चकवलानमन्त राम रागते वेली तिजराम नव्यानोरा विददाति निविशेषवष्टिरूपके ल्यासंयत्रः युक्तः ला कसा व देवा रक्षान्मस्पडमा ट्रिकल एक कालका वो होते सर्वदा न करो को ये कविकट दिनानायानाकर्मणामन्यापा पानीतरः परोसत्यता प्राश्यति यतिकार कर्म निवारा निि रामधामको कम्पनी र सारिका या चायनेनिदा कराद (यस्यापिस एव कसा तिता ॥४३ ती धर्म घो परिशिष्य श्रामादेषविशिष्ट वनगरिनचावट रिसमाः ॥३१३ दिन ॥ પ્રતદર્શન
SR No.002562
Book TitleAgam 25 Prakirnak 02 Atur Pratyakhyan Sutra
Original Sutra AuthorVeerbhadra Gani
AuthorKirtiyashsuri
PublisherSanmarg Prakashan
Publication Year2010
Total Pages400
LanguagePrakrit, Sanskrit, Gujarati
ClassificationBook_Devnagari, Agam, Canon, F000, & F020
File Size11 MB
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