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________________ 5555555555555555555555555555 E propagate that, in fact, being round, Jambu continent and other continents as well as Lavan ocean and other oceans are similar in shape but being progressively double in size from the preceding one they are different in expanse (detailed description as mentioned in Jivabhigam Sutra)... and so on up to... O long lived shramans! In this transverse dimension there are infinite continents and oceans up the Svayambhuraman ocean." द्वीप-समुद्रगत द्रव्यों में वर्णादि की परस्परसम्बद्धता INTERRELATION OF ATTRIBUTES OF SUBSTANCES IN CONTINENTS-OCEANS २२. [प्र.] अस्थि णं भंते! जंबुद्दीवे दीवे दव्वाइं सवण्णाई पि अवण्णाई पि, सगंधाई पि अगंधाई पि, सरसाइं पि अरसाइं पि, सफासाई पि, अफासाइं पि, अन्नमन्नबद्धाइं अन्नमन्नपुट्ठाइं जाव घडत्ताए चिट्ठति? [उ.] हंता, अत्थि। - २२ [प्र.] भगवन् ! क्या जम्बूद्वीप नामक द्वीप में वर्णसहित और वर्णरहित, गन्धसहित और गन्धरहित, रससहित और रसरहित, स्पर्शसहित और स्पर्शरहित, द्रव्य अन्योन्यबद्ध, अन्योन्यस्पृष्ट की यावत् अन्योन्य सम्बद्ध हैं? [उ.] हाँ, गौतम! हैं। 22. [Q.] Bhante ! Are the substances in Jambu continent; with or without colour, with or without smell, with or without taste, with or without touch; bound, touched... and so on up to... and related with one 5 another ? [Ans.) Yes, Gautam ! They are. २३. [प्र.] अस्थि णं भंते! लवणसमुद्दे दव्वाइं सवण्णाई पि अवण्णाई पि, सगंधाई म पि अगंधाई पि, सरसाइं पि अरसाइं पि, सफासाइं पि अफासाइं पि, अन्नमन्नबद्धाइं अन्नमन्नपुट्ठाई जाव घडत्ताए चिट्ठति? [उ.] हंता, अत्थि। २३ [प्र.] भगवन्! क्या लवणसमुद्र में वर्णसहित और वर्णरहित, गन्धसहित और गन्धरहित, रससहित और रसरहित तथा स्पर्शसहित और स्पर्शरहित द्रव्य, अन्योन्य बद्ध तथा अन्योन्य स्पृष्ट यावत् अन्योन्य सम्बद्ध हैं? ___ [उ.] हाँ, गौतम! हैं। भगवती सूत्र (४) (128) Bhagavati Sutra (4)
SR No.002493
Book TitleAgam 05 Ang 05 Bhagvati Vyakhya Prajnapati Sutra Part 04 Sthanakvasi
Original Sutra AuthorN/A
AuthorAmarmuni
PublisherPadma Prakashan
Publication Year2013
Total Pages618
LanguageHindi, Prakrit, Sanskrit
ClassificationBook_Devnagari & agam_bhagwati
File Size22 MB
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