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________________ %%% %% %%%%%%%%%%%%%%%%%%%%%%%%%%%%% %% श्रमण भगवान महावीर के चार सौ अपराजित वादी थे। भगवान की यह उत्कृष्ट वादिसम्पदा थी। वे वादी देव, मनुष्य और असुरों से भी वाद में अपराजित थे अर्थात् पराजित होने वाले नहीं थे। There were four hundred invincible debator of Shraman Bhagwan Mahavir. * This was the maximum number of his debator wealth. These debators were invincible by none of the gods, human beings and demons i.e. they were not to * be defeated. ४६५-अजिते णं अरहा अद्धपंचमाइं धणुसयाई उ8 उच्चत्तेणं होत्था। सगरे णं राया चाउरंतचक्कवट्टी अद्धपंचमाइ धणुसयाइं उ8 उच्चत्तेणं होत्था ४५०। 5 अजित अर्हत् की ऊँचाई साढ़े चार सौ धनुष थी। चातुरन्त चक्रवर्ती सगर राजा की भी ऊँचाई 2 साढ़े चार सौ धनुष कही गई है। The height of Arihant Ajit was equal to four and a half hundred bows (Dhanush) the height of Chaturant Chakravarti Supreme lord Sagar have been said equal to four hundred bows (Dhanush). ४६६-सव्वे वि णं वक्खारपव्वया सीआ-सीओआओ महानईओ मंदरपव्वयंते णं पंच 5 पंच जोयणसयाई उड्ढे उच्चत्तेणं पंच पंच गाउयसयाइं उव्वहेणं पण्णत्ताओ। सव्वे वि णं | वासहरकूडा पंच पंच जोयणसयाइं उठे उच्चत्तेणं होत्था। मूले पंच पंच जोयणसयाई विक्खंभेणं पण्णत्ता। ___समस्त वक्षार पर्वत सीता-सीतोदा महानदियों के और मन्दर पर्वत के समीप पाँच-पाँच सौ योजन ऊँचे और पाँच-पाँच सौ गव्यूति उद्वेध (गहराई) वाले कहे गए हैं। समस्त वर्षधर कूट पाँच-पाँच 1 सौ योजन ऊँचे और मूल में पाँच-पाँच सौ योजन विष्कम्भ वाले कहे गए हैं। All the Vakshar mountains situated nearer the great rivers Sita-Sitoda and Mountain Mandar have been said five hundred-five hundred yojanas high and rooted deep into the earth equal to five hundred kosha. All the Varshdhar Kuts have been said five hundred yojanas high and having the expansion at its roots of five hundred yojanas each. ४६७-उसभे णं अरहा कोसलिए पंच धणुसयाइं उड्ढे उच्चत्तेणं होत्था। भरहे णं राया || चाउरंतचक्कवट्टी पंचंधणुसयाई उई उच्चत्तेणं होत्था। ___कौशलिक ऋषभ अर्हत् की ऊँचाई पाँच सौ धनुष थी। चातुरन्त चक्रवर्ती राजा भरत भी पाँच | सौ धनुष ऊँचे कहे गए हैं। The height of Kaushalika Arihant Rishabh Dev was five hundred bows $(Dhanush). The Chaturant Chakravarti Bharat, too, has been described of the height of five hundred bows (Dhanush). 听听FF圳FF FFFFF 听听听听听听听听听听听听听听听听听听听FFFFF听听听听听 समवायांग सूत्र 239 Multidifferential
SR No.002488
Book TitleAgam 04 Ang 04 Samvayang Sutra Sthanakvasi
Original Sutra AuthorN/A
AuthorAmarmuni
PublisherPadma Prakashan
Publication Year2013
Total Pages446
LanguageHindi, Prakrit, Sanskrit
ClassificationBook_Devnagari & agam_samvayang
File Size18 MB
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