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________________ होकर वि. सं. 1984 में पन्यासजी श्री मोती-विजयजी के सुहस्ते पुनः प्रतिष्ठा सम्पन्न हुई थी । विशिष्टता यह अत्यन्त चमत्कारिक स्थल है, जब ही तो गत शताब्दियों में मन्दिरों पर अनेकों प्रहार होने पर भी इस प्रतिमा को कोई आँच नही आई । अभी भी चमत्कारिक घटनाएँ घटती रहती हैं । प्रति वर्ष भादरवा शुक्ला प्रतिपदा को जन्मावांचन के पश्चात् श्रावकगण बाजों-गाजों सहित प्रभु के दर्शनार्थ जाते है व आरती उतारी जाती है । कहा जाता है उस समय भोयरे में दिवालों पर पानी की बून्हें प्रकट होती हैं । हमेशा भक्तजनों को प्रभु के तीन रूप के दर्शन होते हैं, यानी बालावस्था, युवावस्था व प्रौढावस्था । जैनेतर भी काफी मात्रा में दर्शनार्थ आते रहते हैं । __ अन्य मन्दिर 8 मन्दिर के निकट ही एक और मन्दिर है जो लगभग 200 वर्ष प्राचीन बताया जाता है । वहाँ का भी जीर्णोद्धार चालू है । यहाँ के मणीभद्रस्वामी की मूर्ति अत्यन्त प्रभाविक व चमत्कारिक श्री आदीश्वर भगवान मन्दिर-बदनावर श्री बदनावर तीर्थ तीर्थाधिराज 8 श्री आदीश्वर भगवान, श्वेत वर्ण, पद्मासनस्थ, लगभग 120 सें. मी. (श्वे. मन्दिर)। तीर्थ स्थल विंध्य पर्वतमाला के पठार पर समुद्र की सतह से 1650 फुट ऊँचाई पर स्थित बदनावर गाँव में । प्राचीनता कहा जाता है लगभग 2250 वर्ष पूर्व सम्राट अशोक के पौत्र श्री संप्रति राजा द्वारा इस प्रतिमा की प्रतिष्ठा हुई थी । यहाँ उपलब्ध भग्नावशेषों से पता चलता है कि किसी समय यहाँ अनेकों जैन मन्दिर थे व यह एक विराट नगरी थी । मन्दिर भोयरे में है । अनेकों बार जीर्णोद्धार होने का भी संकेत मिलता हैं । अंतिम जीर्णोद्धार यहाँ के श्री संघ द्वारा 712 कला और सौन्दर्य मन्दिर का नवनिर्माण हो जाने के कारण प्राचीन कला कम नजर आती है । लेकिन यहाँ के विशाल प्राचीन जैन मन्दिरों के अवशेष और कई खण्डित मूर्तियाँ आदि प्राचीनता की याद दिलाते हैं । मार्ग दर्शन यहाँ से निकट का रेल्वे स्टेशन बड़नगर 18 कि. मी. दूर है, यह स्थल धार-रतलाम मुख्य मार्ग पर स्थित है । रतलाम यहाँ से 40 कि. मी. व उज्जैन 55 कि. मी. दूर है । रतलाम, इन्दौर धार, उज्जैन, राजगढ़ (धार), मन्दसोर से यहाँ के लिए सीधी बसे उपलब्ध है । यहाँ के बस स्टेण्ड से मन्दिर सिर्फ 400 मीटर दूर है । आखिर मन्दिर तक कार जा सकती है, लेकिन बस 200 मीटर दूर ठहरानी पड़ती है । सुविधाएँ ठरहने के लिए धर्मशाला है, जहाँ पानी, बिजली की सुविधा उपलब्ध है। पेढ़ी 8 श्री आदिनाथ नाथूलाल जैन श्वेताम्बर मर्तिपूजक पेढी, पोस्ट : बदनावर (वर्धमानपुर) - 454 660. जिला : धार, प्रान्त : मध्यप्रदेश, फोन : 07295-33814 व 33736 पी.पी.
SR No.002332
Book TitleTirth Darshan Part 3
Original Sutra AuthorN/A
AuthorMahavir Jain Kalyan Sangh Chennai
PublisherMahavir Jain Kalyan Sangh Chennai
Publication Year2002
Total Pages264
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size48 MB
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