SearchBrowseAboutContactDonate
Page Preview
Page 8
Loading...
Download File
Download File
Page Text
________________ इस ग्रन्थ का सम्पादन-कार्य पूज्यपाद आचार्यदेव के विद्वान् शिष्यरत्न, कार्यदक्ष एवं सुमधुर प्रवचनकार पूज्य मुनिराज श्री जिनोत्तम विजयजी महाराज ने भली प्रकार से किया है। इस ग्रन्थ की भूमिका डॉ. चेतनप्रकाशजी पाटनी ने लिखी है और उन्हीं की देखरेख में इसके स्वच्छ, शुद्ध एवं निर्दोष प्रकाशन का कार्य सुसम्पन्न हुआ है। परमपूज्य प्राचार्य म. सा. की आज्ञानुसार हमारे प्रेस सम्बन्धी कार्य में पूर्ण सहकार देने वाले जोधपुर निवासी श्री सुखपालजी भण्डारी तथा संघवी श्री गुरणदयालचन्दजी भण्डारी एवं श्री मंगलचन्दजी गोलिया इत्यादि हैं। 'सुशील-संदेश' के सम्पादक सिरोहीनिवासी श्री नैनमलजी सुराणा तथा जैन विधिकारक श्री मनोजकुमार बाबूमलजी हरण (एम.कॉम.) इत्यादि ने भी इस ग्रन्थ को शीघ्र प्रकाशित करने की प्रेरणा की है। प्रेस में अक्षरसंयोजन का कार्य श्री राधेश्याम सोनी व अब्दुल सलीम शेख, मोहम्मद साबिर शेख ने कुशलता से सम्पन्न किया है। इन सभी का हम हार्दिक आभार मानते हैं।
SR No.002289
Book TitleChando Ratnamala
Original Sutra AuthorN/A
AuthorSushilsuri
PublisherSushilsuri Jain Gyanmandir
Publication Year1988
Total Pages174
LanguageHindi, Sanskrit
ClassificationBook_Devnagari
File Size8 MB
Copyright © Jain Education International. All rights reserved. | Privacy Policy