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________________ परिशिष्ट-२१ प्रयुक्त ग्रंथ सूची मूलग्रंथ सूची अंगविज्जा-सं. मुनि पुण्यविजय, प्राकृत टेक्स्ट सोसायटी, बनारस, सन् 1957 / अंतकृद्दशा-(अंगसुत्ताणि भा. 3) वाप्र. आचार्य तुलसी, सं. मुनि नथमल, जैन विश्व भारती, लाडनूं (राज.), वि. सं. 2031 / अनगारधर्मामृत-सं. पं. कैलाशचन्द्र शास्त्री, भारतीय ज्ञानपीठ, दिल्ली, सन् 1977 / अष्टकप्रकरणम्-प्रो. सागरमल जैन, पार्श्वनाथ विद्यापीठ एवं प्राकृत भारती अकादमी, जयपुर, सन् 2000 / अष्टपाहुड़-आचार्य कुंदकुंद, सं. डॉ. हुकमचन्द भारिल्ल, श्री कुंदकुंद कहान दिगम्बर जैन तीर्थ, जयपुर, सन् 1994 / आचारचूला-(अंगसुत्ताणि भा. 1) वाप्र. आचार्य तुलसी, सं. मुनि नथमल, जैन विश्व भारती, लाडनूं (राज.), वि. सं. 2031 / आचारांग चूर्णि-जिनदासगणि, श्री ऋषभदेव केशरीमल श्वे. संस्था, रतलाम, सन् 1941 / आचारांग नियुक्ति (नियुक्तिपंचक)-वाप्र. आचार्य तुलसी, प्रसं. आचार्य महाप्रज्ञ, सं. समणी कुसुमप्रज्ञा, जैन विश्व भारती, लाडनूं (राज.), सन् 1999 / आदिपुराण--आ. जिनसेन, भारतीय ज्ञानपीठ, दिल्ली, सन् 1993 / आयारो-वाप्र. आचार्य तुलसी, सं. मुनि नथमल, जैन विश्व भारती, लाडनूं (राज.), वि. सं. 2031 / आवश्यक चूर्णि-आचार्य जिनदास, श्री ऋषभदेव केशरीमल श्वे. संस्था, रतलाम, सन् 1929 / आवश्यकनियुक्ति-सं. डा. समणी कुसुमप्रज्ञा, जैन विश्व भारती संस्थान, लाडनूं (राज.), सन् 2001 / आवश्यक मलयगिरि टीका भा. १-सेठ देवचन्द्र लालभाई जैन पुस्तकोद्धार एवं आगमोदय समिति, मुम्बई, सन् 1928 / आवश्यक हारिभद्रीया टीका-भा. 1 आचार्य हरिभद्र, भैरुलाल कन्हैयालाल कोठारी धार्मिक ट्रस्ट, मुम्बई, वि. सं. 2038 / आवश्यक हारिभद्रीया टीका भा. २-वही। इसिभासियाई-सम्पादित, अप्रकाशित, जैन विश्व भारती, लाडनूं (राज.)। उत्तराध्ययन-वाप्र. आचार्य तलसी. सं. यवाचार्य महाप्रज्ञ, जैन विश्व भारती संस्थान, सन 1993 / उत्तराध्ययन नियुक्ति (नियुक्ति पंचक)-आचार्य भद्रबाहु, वाप्र. आचार्य तुलसी, प्रसं. आचार्य महाप्रज्ञ, सं. डॉ. समणी कुसुमप्रज्ञा, जैन विश्व भारती, लाडनूं (राज.), सन् 1999 / उत्तराध्ययन शांत्याचार्यवृत्ति-देवचन्द्र लालभाई जैन पुस्तकोद्धार फण्ड, मुम्बई, सन् 1973 / ऋग्वेद-पं. श्रीराम शर्मा, संस्कृति संस्थान, (वेदनगर) बरेली, सन् 1969 / Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org
SR No.001945
Book TitleAgam 41 Mool 02 Pind Niryukti Sutra
Original Sutra AuthorN/A
AuthorDulahrajmuni
PublisherJain Vishva Bharati
Publication Year2008
Total Pages492
LanguagePrakrit, Sanskrit, Hindi
ClassificationBook_Devnagari, Agam, Canon, Ethics, & agam_pindniryukti
File Size9 MB
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