________________ 324 पिंडनियुक्ति 53 78 12 खम-क्षम, योग्य। 319 खमग-तपस्वी। 90/2 खय-नष्ट होना। 231/5 खरंटणा-उपालम्भ देना। 96/1 खल्लग-बांस के पत्तों का बना दोना। 90/3 खाइम-खादिम। खामणा-क्षमा मांगना। 218/1 खार-क्षार। खिंसा-निंदा। 277 खित्त-क्षिप्त। 254 खिन्न-श्रान्त। 210/3 खिवण-फेंकना। 219/14 खीर-दूध। 86/2 खीरदुम-क्षीरद्रुम, वटवृक्ष आदि मीठे वृक्ष। 11 खीरधाई-दूध पिलाने वाली धाई। 197 खुज्ज-कुब्ज, कूबड़ा। 219/10 खुड्ड-क्षुल्लक, छोटा शिष्य। 219/1 खुत्त-बार। 302/3 खुब्भण -क्षुभित होना। 278 खेत्त-क्षेत्र। 73/2 खेव-क्षेप, प्रक्षेप। 222/2 खोभ-क्षोभ, क्षुब्ध होना। 214/3 खोमिय–क्षौमिक, कपास का बना वस्त्र। 32 खोल-गुप्तचर। 69/3 खोसिय-जीर्ण-शीर्ण। गंठि-गांठ। 164 गंड-स्तन। 198/5 गढिय-गृद्ध, आसक्त। 96/2 गब्भ-गर्भ / 168 गब्भाधाण-गर्भाधान। 231/10 गब्भिणि-गर्भवती। 231/10 गम-शास्त्र का तुल्य पाठ। 198/10 गम्म–भोग के योग्य। 231/5 गय-हाथी। गरहित-गर्हित। 201/2 गरिहा-गर्दा। 274 गलंत-झरता हुआ। 312/1 गलिच्च-गले का आभूषण। 198/13 गवत्त-गाय का भोजन, घास। 96/2 गविट्ठ-गवेषणा पूर्वक प्राप्त आहार। 233 गवेसणा-गवेषणा। 51,53 गहित-गृहीत। 117 गामसामिय-ग्राम-प्रधान। 173/1 गाह-जलचर जंतु विशेष। 154 गिद्धावरिखि-एक प्रकार का महिला प्रधान पुरुष। 219/6 गिम्ह-ग्रीष्म। 54/1 गिरा-वाणी। 198/14 गिरिफुल्लिय-गिरिपुष्पित नगर विशेष / 216 गिलाण-ग्लान, रोगी। 21/2 गिलिय-निगलना। 82/3 गिह-गृह, घर। 156 गिहत्थ-गृहस्थ / 95/1 गिहि-गृही, गृहस्थ। 22/4 गुंडिय-राख से अवगुंठित। . 198/11 गुज्झग-देव विशेष। 210/5 गुत्ति-गुप्ति। 44/4 गुल-गुड़। 40 गुलिय-गुटिका, रूप-परिवर्तन हेतु ___मुख में रखी जाने वाली गुटिका। 141 गविणी-गर्भवती। 168 गेरुय-गेरुआ वस्त्रधारी परिव्राजक, श्रमण का एक प्रकार। 209 गेलण्ण-रोग। गेह-गृह। 76/1 गेहि-आसक्ति। 83/4 145 Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org