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________________ 440] नरकगतिप्रायोग्यानुपूज्यनाम नरकप्रस्तार नागकुमार नाम्यपरीषह नाम (कर्म) नामजीव नामनिक्षेप नामप्रत्यय नारक नारकभाव नारकापु नाराचसंहनननाम निकाय निक्षेप निगोद्रजीव निर्गुण निर्ग्रन्थ निर्जरा निर्जरानुप्रेक्षा 625 555 605 909 17, 777, 790 807 371, 585 269 697, 723 883 657 743 743 25 223 755 निर्माणरज : 491 नियतकाल ( सामायिक) 854 निरपवाद 706 343 347 625 नित्य नित्यत्व निदान निदान (ध्यान) निन्दा निद्रा निद्रानिद्रा निर्देश निबन्ध निर्माण निरवशेष निरुपभोग निर्वर्तना निर्वर्तनाधिकरण निर्वृति निःशीलता निःश्रीसव्रत 755 369 460 820 738 22 22 779 359, 368 265 752 755 442 Jain Education International 626 293 640 645 निसर्ग निसर्गक्रिया निःसृत निःसृतावग्रह निषेध निद्रव नीचगत्र निपद्यापरीषहविजय निष्कुटक्षेत्र निष्क्रिय नीबू ति नील नीलवर्णनाम नीललेश्या नृलोक नैगमनय सर्वार्थसिद्धी नैसगिक (मिथ्यादर्शन) नैसगिक (सम्यग्दर्शन) न्यासापहार नोआगमद्रव्यजीव नोआगमभावजीव नोआगमभाविजीव नोकर्मद्रव्यपरिवर्तन नोकषायवेदनीय न्यग्रोधपरिमण्डलसंस्थान पद्म पद्यलेश्या 625 618 194 193 386 824 716 539 627 757 659 386,570 755 271, 445 470 240 731 15 22 22 22 275 257 पप्रभा पञ्चम (अणुव्रत ) पञ्चेन्द्रियजातिनाम पर परघातनाम परत्व परप्रत्यय उत्पाद परमार्थंकाल परविवाहकरण परव्यपदेश नाम 755 711 266 701 755 392 485 333 755 568 539 568 713 723 For Private & Personal Use Only परा (स्थिति) परा (प्रमाण) परिकर्म परिवह परिणाम परिभोग परिमण्डल परिवर्तन परिवारप परिषद् परिषत्क 275 403 403 403 परिवह 788 861 परिहार ( प्रायश्चित्त) परिहारविशुद्धिचारित्र 853 545 812 परीतानन्स परीषह परोक्ष परोपकार परोपदेशनिमित्तक 210 883, 638, 695 371, 607 703 572 पल्य पल्योपम पाप पाप (बन्ध ) पापोपदेश पारिग्रहित किया पारिणामिक पारिणामिकभाव पारितापिकी क्रिया पारिषद् पीत 760 24 ( मिथ्या० ) 731 672 परोपरोधाकरण पर्याप्तिनाम 755 पर्याय 241, 599, 606 पर्यायाधिकनय 24 438 325, 422 614, 783 781 703 618 251, 597 266 618 449 570 484 444 816 462 392 पीतलेश्या पीता (लेश्या) पिपासासहन पिशाच पुण्डरीक 174 726 www.jainelibrary.org
SR No.001443
Book TitleSarvarthasiddhi
Original Sutra AuthorDevnandi Maharaj
AuthorFulchandra Jain Shastri
PublisherBharatiya Gyanpith
Publication Year1997
Total Pages568
LanguageHindi, Sanskrit
ClassificationBook_Devnagari, Philosophy, Tattvartha Sutra, & Tattvarth
File Size14 MB
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