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________________ आरण ( भी ) पन्द्रहवाँ स्वर्ग ६।३८ आरण ( भी ) अच्युत स्वर्गका दूसरा इन्द्रक ६।५१ आरण (भौ) पन्द्रहवाँ स्वर्ग ४११६ आरम्भ ( भी ) कार्य करना शुरू करना ५८।८५ 'कूष्माण्ड देवी = एक विद्या २२।६४ आर्य आर्त्तध्यान (पा) खोटा ध्यान १ इष्टवियोगज २ अनिष्ट योगज ३ वेदनाजन्य ४ निदान ५६१४ आर्य विद्याके निकायका नामान्तर २२।५८ आर्य (व्य) पवनगिरि और मृगावतीका पुत्र - सुमुखका जीव १५।२४ आर्या = साध्वी २७० आर्यवती = एक विद्या २।६५ आर्षमी = षड्ज स्वरसे सम्बद्ध जाति ११११७४ आवाप=तालगत गान्धर्वका एक प्रकार १९।१५० आवर्त (भौ) वि २२।९५ आवर्त (भो) देशका ११।७३ आवर्ता (भौ) पश्चिम विदेहका एक देश ५।२४५ आवली (पा) असंख्यात समयकी एक आवली होती है ७।१९ आवश्यक परिहाणि = भावना = द. नगरी ३४।१४२ आवृष्ट (भी) देशका ११।६५ आशा = दिशा ३।२७ आशा (व्य ) Jain Education International नाम नाम रुचिकगिरिके शब्दानुक्रमणिका कांचन कूटपर रहने वाली दिशारूपी देवी ५।७१६ आशा विश्वम्मराः पृथिवियाँ ३।३२ आशीविष (भो) पश्चिम विदेहका वक्षारपीठ ५।२३० आशीविषवधू = सर्पिणी ५४।२४ आषाढ़ (भौ) विद नगरी २२।९५ = आसादन (पा) ज्ञानाव. और दर्शनाव. का आस्रव ५८।९२ आसिङ्क (भी) देशका नाम ११।७० आसुवसु (व्य) वसुध्वजका पुत्र ६६।४ आस्थाङ्गणा (पा) समवसरणकी एक भूमि ५७/१२ औडव = चौदह मूर्च्छनाओंका एक स्वर १९।१६९ औपशमिक (CT) सम्यग्दर्शनका एक भेद ३ । १४४ औषधी (भी) विदेहकी नगरी ५/२५७ औषधीश = चन्द्रमा ४२।३ आधि= मानसिक व्यथा २८ २८ [इ] इक्षुवरद्वीप ( भी ) सातवाँ द्वीप ५।६१५ इक्षुवर सागर (भौ) सातवाँ सागर ५/६१५ इक्ष्वाकु (व्य) = इक्ष्वाकु वंश में उत्पन्न हुए राजा २१४ इन = सूर्य २।९ स्वामी ३५।१५ = इन = इभ्य सेठ ४५।१०० इमपुर (भी) हस्तिनापुर९ । १५७ इमवाहन (व्य) कुरुवंशका एक राजा ४५।१५ For Private & Personal Use Only ९०३ इन्दीवरा (व्य) राजा प्रचण्ड वाहनकी पुत्री ४५।९८ इन्दु = चन्द्रमा २।२५ इन्दुवर (भो) अन्तिम सोलह द्वीपों में पन्द्रहवां द्वीप ५।६२५ इन्द्र (पा) देवोंके स्वामी ३१५१ इन्द्रक ( भी ) रत्नप्रभा आदि पृथिवियों के पटलों के मध्यगत विल ४|१०३ इन्द्रक निगोद = नरकोंके इन्द्रक नामा विल ४ ३५२ इन्द्रगिरि (व्य ) एक राजा गान्धारीका पिता ६०।९३ इन्द्रगिरि (व्य) गान्धार देशकी पुष्कलावती नगरीका राजा ४४/४५ इन्द्रजुष्ट (वि) इन्द्रके द्वारा सेवित १।१० इन्द्रद्युम्न (व्य ) सूर्यका पुत्र १३।१० इन्द्रकी प्रेरणासे इन्द्रध्वज (पा) समवसरणकी एक भूमि, जिसमें हेमपीठ होता है ५७८५ इन्द्रमोदना २६८ इन्द्रपुर ( भी ) पौलोम और चरमके द्वारा रेवाके तटपर बसाया हुआ नगर १७।२७ इन्द्रभूति (व्य ) भगवान् महावीर = का प्रथम गणधर अपर नाम गौतम ३।४१ इन्द्रवीर्य (व्य) कुरुवंशका एक राजा ४५।२७ इन्द्रशर्मा (व्य) गिरितट नगरका एक ब्राह्मण २४।१ इला (व्य) रुचिकगिरिके लोहिताख्य कूटपर रहनेवाली देवी ५।७१२ www.jainelibrary.org
SR No.001271
Book TitleHarivanshpuran
Original Sutra AuthorJinsenacharya
AuthorPannalal Jain
PublisherBharatiya Gyanpith
Publication Year2003
Total Pages1017
LanguageHindi, Sanskrit
ClassificationBook_Devnagari, Literature, & Story
File Size26 MB
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