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________________ विलासराणा मया । श्रच्चा जान पडिवालास उत्तरपुरिम) रति कर पातात् स्वचऊदिसिं ईमास्मादविदस्मादवरालाच हे महिसाग जे बद्दीचपमा मन्त्राची चत्रारिया पनि दोहरानंदा । उत्तर कु शादव करके दाए] केएहरया रामात रामरस्कियातित जसा दाहिए पुरथिमित्रारतिकरग पहातात स्वच सिस कस्मादविदादिवर सोन्गमहिसी एं बुद्दीपमा एम यन्नारिरायहाणी मामलसा प्रतिमा लामिण सिवारा एजास दाहि केनादिविद स्का । वारतिकरगपघातात स्वच सिस महिपाजे बूद्दी वर्षमा माहारिण्य हाता नवाउंसो गाद मला रानवारा डिणीरातले रितिक रतिकरण ईसीएश्रामहि सीजे हाली परी र5 रयणा। राण वखएव खगुशाएव दिवसावसाचा जीवीयाविहिताप नामसाविव स विहिसेजम निंदियप डिसलीएायाव त्रियामा काय संजामा उग संजमा हिचियापती मचियावितिरिचिति यातिदिगरणवियति काय वयातच विदा करण्या नीम किंचलया। वितिकिा उनकर किच बहासा सम्मान एवारियारा पुढविराशी वालु यारा उदराराशी एवमेवाह कतिपय समढविरा ईसमाए। वाराईसमा गागराई मापय राईसमाणको क्षेत्र उपवाह जीवे कालंकार शनिरईएस उवाजी पुढविरा ईसमाण का है उपविधितिरिराजाली एव बुदावपमा सुमित्रा वसुंधराए तावा घोरतवस्मिनि ततस्मे (एजेन्या
SR No.650038
Book TitleThanang Sutra
Original Sutra AuthorN/A
Author
PublisherZZZ Unknown
Publication Year
Total Pages180
LanguagePrakrit
ClassificationManuscript
File Size48 MB
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