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________________ कि राहीला|लाहियाहि लिहा मुकिला। परमापति तावत्ता जानम कुरापतीस हा वारसा गंधा फरसापांच हिंगाहि जीवासि तसाद्दहिंजाव का सह। एवंरछति। मुच्छंति मिश्ांतिगिताद्यावंताचा नाहिं जीवा विलिघाटयमावतिता साह दिजावफासे हि पेचहा या परिस्माया। जावाहियात सुसाते। खमा एलिसा गामियता एव हिता हि जी वाह गाजाव पाइदे वरकाया लुगामि सासदेति सहा जाव फासाचा परित्राया । जीवा लेहियया सुहाए। उ तिसिद्दा जाव फासा एवैपेच डाला परिस्मा या जीवा । दो गतिगमगाएसर्वतिति सहा जावाफास गतितिति पापातिनातिलोजावपरिग्राहो पचहिए हिंजीवा सोग्गइंग तितोपा परिग्गाह पंचपडिमा जापा महास तद्दास होशर पडिमा पंच घावरकाश बालघावरकाए एसेमुती घावरकारापायावच्चेघावर धिवती।पांती दिघावरकाट पायावाघाव रकायाधिवती पंचहिताहि कामतिप्पट मायाश ढविलासिता तिप्पढमट महवियेजाव माह गापही या गोत्रा मडे बादामुहापाह वाढवई नामितानिप्पटमया रक्ताद्यार्क घूराह मित्र तिमहालयेवमाहारंग सिरपामिनियम या सज्जाद वैवा हामहालया शंमहानिहारा शेष हाम खसाएर सामियाजा सयानगो मारा इंजाइश्माई गा मागर नगर बेडकड मसंवार वास्त्रसिंघाडगत्तिग मुहामहापात्रा नगर नियम मुसाला लागा रक दर सेन्निमिला वहाण सव लगिदिस्तु स्पिषिन्ना इचितितातिवापासितातप्पटम *याएरखला एज्जाचे हिमालदि उहिंसेदाणामसम्म पनि कामात मया वो पंच हा शिकवलवर समृध्यपश्चि
SR No.650038
Book TitleThanang Sutra
Original Sutra AuthorN/A
Author
PublisherZZZ Unknown
Publication Year
Total Pages180
LanguagePrakrit
ClassificationManuscript
File Size48 MB
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