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________________ Jain Education या-तेहथका आनूपू दयार्थवई समाहियाई उपसा पुछि।। दद्वारं दब ग्याए उपसारा गुणाईपएसच्याए (स-सर्व ध की थो अपूर्वा द्रव्य नि.निगम व्यवहार जयन‍ मन विजय थैंकका -श्रमे ष्यात धूमामाति जेन वा प्रदेस होशन पुण वेष प्रदेसार्थ अपरेसनथी नामवहारासावा प्रमाण पुद्विदवाई अपएसट पाए · तेहथीन प्रदेमार्थ ) (नि.वीमेषश्रीक आतीचानुपूर्वद्रिय पदार्थई बराजदारण पतिव्र लग रब १० सख्या रा मायावत जगदबारे परामरयाए विगम साहियारे आपुडि स्वाईपसस्या अनंतपुरम- सर्व निगम बहार दुद्रमार्थ व्यावे. अत्र नानु द्रव्यार्थ द:मार्थमाहो माहि धरको गधी ए तिवा (स-वक्त मद्रव्य) नयन इमनः उरनी सार्थ निगुणाई मिववाहादबारे दवटयाएपुच्चि
SR No.650032
Book TitleAnuyogadwara Sutra
Original Sutra AuthorAryarakshit
Author
PublisherSujalpur
Publication Year1851
Total Pages412
LanguagePrakrit
ClassificationManuscript & agam_anuyogdwar
File Size168 MB
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