________________
रु. एक रूपड उ उन त भुयु-अनंतु होणं श्रथवा नपकर उएम उ उन कृष्ड बकरीय उ तिवारई उतर कहई ब
जुजुना
साराणा उद्योमयं नाणंत याहार हा जहन्तयंताणं तरुण्ड
- शिव विवाह उरुउतर प्रभागात नोजघन्य युक - श्रमय जीर
तंतु
अनंत अनंतुज जपन् न तु किं की तलू होई
कोसयंजुत्ताणंत याहा जहन्त्यं पूर्णत्यं कितिहाइ जन्नए एं जुता ल धन्यतित भव - पूर्वनी पर मारामासा आधिपत्र नं - हो. होई सरकारकी जजेनला ए
जीव
प्रभवमिडिया गुणिया ग्रन्नमन्न सागसा परिपुत्रो जहन्नयंत्रनं तातयं अथवा उ उनकृशे जुशुक्रश्रनंना नोर, रु० एकरूपप. प्रक्षेपीय ज ज छन्- अनंत उहाई ति-त उप "तिवार
घर
संत
बाउको
तागत रुवं परिवता जहन्न यंत्र हाइ