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________________ रो-कबुचातेसंध्याता निकासादिक साहितसदिउकरिनारगन नीना निमत्त नाणीताने की कालजाण विहिमालीन सतएमा ज्ञान लोजाब- रातगाणिउाजासीकरयरवारमतीउकाहिबाप्तकालसानी समान जातिमह महिउगणियंगणियउनिमितं निमित्त उकालंकालनाणीविद्याविध्यास सि-अर्थकिको- जरानी. एएकगणवामास्निया रणवाउ नपामारमाटएकोमणवानी संव्या लाय. रान-न (एकरका-गावापपतरावधकाराचा शाककराकेज तंनाएसंवाासतिंगाणसंवारएखोगग एउमाराय्यभिईसरदास संख्याता नेतामा प्रथति असंख्या ति जिरण पर न तेक ज-जघन्छ । काणतं नाता प्रकार STORand खघएसौरवधएशनरासक्तिंसारखधएर तिविहिपन्लानतंजहा मह उजतक नए-पम-उकोसम तेर्थकि असष्पाचन-त्रिमप पर त-नक । (सव्या उत्तलोसंवा चाण कारवर नएउाछासएशन्नमणकासासकिनरसाररधएतविपन्नाननंजहा।
SR No.650032
Book TitleAnuyogadwara Sutra
Original Sutra AuthorAryarakshit
Author
PublisherSujalpur
Publication Year1851
Total Pages412
LanguagePrakrit
ClassificationManuscript & agam_anuyogdwar
File Size168 MB
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