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________________ तापाञ्चार पछता लिला [वोऽगाताला दगड विसात किंचित्रणाला सभा पत्र संविal का गिदिय [वसरलात किस हिपात्रा मागास धारास विष्णात्रा णारया विदियावद्वियसे रसोत किंवा संवियात्राय पंविदियोधन नियमगार विपमाना लवकर वयात सतवाद्यासड सेवाए वामनराव वासविॐ सवारासंविपणावाराला विश यो चिटिया (वन वियसरशारणांसात किंसंघा एस विपत्रगाश्यपलापुर वारया एडवास शारala नवमरणादाय शवविण्यात सतवार झिसवि झाडाविशद्विणादिजाडावंजाचा आहारविर च्चिय साशतिरिरक जाणिद्यपं चिंदियावन घियमारणे नात केस विषयोग से गए विपणा त्रायवे जलयरल यर वह यराणाविघल यराणच उष्णव्यरिसप्पारा विपरिसर परिसप्पड व्ययरिसप्पा ए वि एवमणूस विदियोवच वियस शिमुरमारसवाणवासीये चि दियादवाववद्वियसारासात किंसंदिप २१६ Pakule & Personal De Cinily rary.org
SR No.650030
Book TitlePannavana Sutra
Original Sutra AuthorShyamacharya
Author
PublisherZZZ Unknown
Publication Year
Total Pages558
LanguagePrakrit
ClassificationManuscript & agam_pragyapana
File Size250 MB
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