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________________ मधुमक्षिका गादिकतियांना इंगा तेनद्दाँ शांड ३ क ल्पावाना इंड 3 उव नाम क येक मूलमदमस्त नियंत्र वा नियंधाइ जलगर वारवार मृत्रोपदे समाएावन्नए नाम पन्तात जब उनः निशां घ एवनिग्धा एव जाति क जाणिव नेत्रकरादिविउ [दुषीकरी पडिलही परिहरिया पनि वि डिल हिच रिवर तिनितपुस तिथि नई कितघमा ते रजा यि जावय डिजल दिवस मुकाम सकिने सुनाम २ एसएम पोविकार तक उसनाई312 तमं कलिकों को अ कप गिलाई ग्टद को किला ब्राहमणीनां क पंचविपन्नात्र हा उद्देमांडर अक्क लिडर पियालिड हलिउ नामा मरही काकी ही प्रमुख या नियंध नियंधाई कलिगर पडिले दिया किया रिवाऊन तिथिनइते अंड सूष मजा लिन उ तिमि नरें, किस त दावाद लिइ जिनिग धिवार जावप डिजल दिया व तंत्र उम एष सुषम पांविप्रकारक उतम कही अत्रिंगलयन तृमिका शुलयन तेबिलख दोष रविषई गर्न साकार करत अमि जाबना घर 20 नारायनर दिन सकि ताल एमे पंचावन्नात्र तंना अत्रिगोलकार सिला ताड़ना मूल आकार समरीना घर ईएनामेले सूक्ष्म य नियंध नियंवाई जान गई विचा रिवाजव | महिपहिल परिशांक चिकया ३ सालमूल बुक्का वाहनामात्र जाथ पड़िला नव में १०८
SR No.650029
Book TitleKalpa Sutra
Original Sutra AuthorBhadrabahuswami
Author
PublisherNagor
Publication Year1677
Total Pages234
LanguagePrakrit
ClassificationManuscript & agam_kalpsutra
File Size100 MB
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