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________________ शरतार २ ओदामी स्त्री सात मिनाईएक मकमनाईएको विवेक २ दमेकीमा करें प्रतिक्किग एकाका दिसेलीक गुणावलीने सोमप्रेमलाल जी मुरदरादि राजीवनिनाम में दिलासंविविषयंगाररस रागे चंद राडा का अत्तिमनिरख दें अनानंदकदिनावली करेक्चनरसकेलि तेरसनेच्या गविसुधा की डाव देनि । बाल वामाजी हो वैसा सेवामाजी० देशी नमी हो ककराला हो साहिबा निगोतम मुटोल सैंयामातविवाहला कायाकि में मदिना दासाय नियोजीत टोल वरसग यांओशोल सें० २० वाड्यमानंही सा रावलगिरिश से मदीना नाथ हो साथ मुका जीवन सिरताज ०० गई विमलाधुरीदो सा० सास गवाह से०० ताम्रख्यमिला हो सा०कमान वलीयाम ०३० प्रेमदासी हो चंदसीक है रेखा दो साल दो तार से समय बेनेगल ज्या वजी दो साथ लिमगार ० ४ मी हो लगि गुंगावली देऊ घी। सात विहंगच्या कार से० प्रा० तीगिरीवर किमकरसता सा किमतश्ता संर १० पी० मिटर छाप ज्या दो साथ र कोईघर तारोस सैं० नमन म सारिया साथ वैदेनदिएरदोस सैंधई मनातला दोसा करोनबीस से नयने देतीत बावादी सा संशासनि | सदास से० ऐसा हो मिलौनी शमें दो सा० चटनीक दीइंस्चित ट ० एती दीधी सजा हो
SR No.650028
Book TitleChandraras Patra
Original Sutra AuthorMohanvijay
AuthorKesharvijay
PublisherYakruli
Publication Year1760
Total Pages208
LanguageMarugurjar
ClassificationManuscript
File Size97 MB
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