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________________ रासपत्र नमन मिनिममा योमेचचचित्र दीनदीतिलसेव बोल्या मंदि मोदरामो हलोयरिमेदम के विझला दी लाल करू देशी योहनाबरन तये वकन्याना तासने दो लाल कादीनिरपोस ऊष्टत्तियामानने होलान तिताराव्यां सर्व दातही लाल तिला सूर्यतनयाम्यावात ने दो लाल ककन्यानो नात निस्सुंधयुं दो लाल ॐ कमी कि होगी लाल कि कहिंसक काम ह्या दीदी का देश दो लाल सुं रतिपति सरियो चर महतो होला स्याने कथा बता हो माल स्थान मधी स्त्री तर शकीरहना होगा ० कन्या सायीलाल ममेदिश धारणा होला नि विषकन्या सत्य लाहोमालक दिलरुबरनलक न्यानी से गति दोलाल का कहीले सनी संमतिदार विवानमा नासाची ।इनरेशर ते खरा दोला बेमानको न क कस्तो होला ० नदी मनोदोगन दीनि मनादरी दोलाल मनोदोसर विचारविंदो माल किननेंनंन्त्र दोकमत जयनी होलालाई स्वर रेघ होला व कारिएदनेन दादा हो लाल के राम कदमला ५० मालन नदीमुक सनिव लाल रो० खादन्यानो याति यूय habcbryoig
SR No.650028
Book TitleChandraras Patra
Original Sutra AuthorMohanvijay
AuthorKesharvijay
PublisherYakruli
Publication Year1760
Total Pages208
LanguageMarugurjar
ClassificationManuscript
File Size97 MB
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