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________________ निर्यात प्रतिदान पीडाकार के श्राधान इंगीडा कारक कामदि स्त्रीशंकरी प्रधानका मन छिया माणि सीएटर स तारा काला घma जानाका नरक नातुलान उडविला मतिवत्रा लघीनाह विष रामग्राम गंधर सफरिस मा० प्राशिसं सार का जस् कर्म रूपादकता को कल उदग तिम्रा काररुष वर्तमान कन मानडिजिय manकामपि क्रिया) गगरियानात माइसमा जिरा वा कालखंडा संसारका कमनुस संविशिना तिवासिलावा तवतिपदा उदगत Ras स्मा रिका सम पुरिएता चक्रबङ्गाला मनाला नियंत डिसबिडाल, सतपा जातवासाच शवराया प्रयागाल नगडा घर पिल श्राप्य सेवासहि प्रतितिराहा कालिक बंधन पूर्व कर्मच पिंकालप्रपाmaram विरचन रोजी साय मनमाया करीनच डि लावि मादिक नेपाल टच करनाहना बुद्धि पाहिज काल० चानस्तुमादिनी चावला कामास आपण खुषाका का काल करीना लामाजनुसार विक्रमी उनका कासकर सहित महिला जादा बाहिरका खाद Caesareanathamnamahsamaapanin नू
SR No.650027
Book TitleSuyagadanga Sutra
Original Sutra AuthorSudharmaswami
AuthorLalchand
PublisherZZZ Unknown
Publication Year1645
Total Pages170
LanguagePrakrit
ClassificationManuscript & agam_sutrakritang
File Size88 MB
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