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________________ काकाकरासी शालिटिका पूर्वसूत्र काकाईएक हिष्टपुरुषा नाम एन दिए निमरता मीना विहिर्दिपदिक नानाप्रकारापकर आत्मान प्रसिद्ध कर श्रदा साझादमी नहलाकर एचडी फोलिनातिसान तिरस्कार फरुवदित्रासवति कारवनाबालनिरर्धक कार्याक्राना कर पहारा लिय की बाल कलि पनि निकालन सिकता नलिहान विमान निष्टपणादवानाति श्रारान कमाबाल शिमलवणिज एपाघंडवत्रमता काष्टनालारापार । सारा केता कुटुबार सालानंचा कंटगावांदिय डिसियामालिका नाम जावं समजापति/ संगतिन वितिमिति दातावतिपुत्रा वा जाचामत्रियेवा समाज एति संप्रति वितिमिति तं सम माहादावाडा वा स्यामवयवहरति जामात समदया जा रहा लवंति संगति/सम Mana दिसागादिहिंगाच काम्म देवनाएं फालिनां सति चारुसांच दिन तक लगविसपविचमा वा जावाणादशवता लवंति जामवतिवाममंताता गोवलय किवलगास माणगापचयेतितमवजी नियं विजीतिय पडिबाद तिगाप्रतिपाशलाग सहा किंचिविमला संतति स्केतितामा येतिति जर तितितिष्यति बापालिका दिकसादिया को लगा कुटुं४ पालिया ससरात पाखंड तनाव सलग काईप क किचाएगा निऊजमा कोई कार्य का मकरान किरमिचयंतिस्त्वमतिसिन श्रादातिका नानक जीवि परपचादजीवितजीविये जीवितकत्सितजीविता अतिप्रमाणाना किचिदि कोई स्कूल मात्र सिल्ली संता नही करन खतिवाद करी पश्व नासा यतितज्ञानाकरकिराधिका
SR No.650027
Book TitleSuyagadanga Sutra
Original Sutra AuthorSudharmaswami
AuthorLalchand
PublisherZZZ Unknown
Publication Year1645
Total Pages170
LanguagePrakrit
ClassificationManuscript & agam_sutrakritang
File Size88 MB
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