SearchBrowseAboutContactDonate
Page Preview
Page 106
Loading...
Download File
Download File
Page Text
________________ 42 ० कार्य की एसी ए० २०२ ते रामेनादिश्री शिर्फ मेरी धुणे ही ऐत सरिक विकास प्रो० कि० नीत वाम सितं नीस किं० जनवरी) न०मान बाट लागली . बी०ले से सम पता नही ค न मयी विशि में से किनिए मायने सम्म सम्माहित हिररिसम्म जहा सामाला तर नालाग जनशालारा किं० किंचित फेर पाए रीजा से० किं० से० नं० पायधर्मसे..सर्व सर्व सो कूँ में फरस स० [सं०] त० कु. ते २० वलदेवल गुवतिभादे माता देवदेवस साभार रा०रामा त बनबिलाव नामदन साहा el सरीषो की जो एक कार्य मे० Fo स० [सर्वसा ते कीजेएस से a साहसरित करें समानं ॥ सबाह मा मी ล ए ही "मती सामात्या विविविमेकित शाम पास कर समेत ॥ या बाहर से हि ती सब विहार सहनि तिते०ले उस महीने निरीकी को गुरु पहाता ए०६० का स्थानतर ० ० ० ० ० ० वी पी स० [सं०] [3.34 म जमेची दिकार्ज ते सोने भा इ‍ ने परी ส नाविकई वैधानिक सर्वसमेत समाविमारि२म्म लोक श्री जी से संते लोलो की जब्जे ०नी मि.मिष्ट सो कु में क रुपयश 5० ० ० लोलो की प्र. ने क जैम म जो ई इ सहितं हि मे ते लाय लाय में किं तलाशा जन्तेनादि मिनिदिदि सबै हिमगिरी औ०जा००० लेकि ᄏ २ म न से aa १३ रह धर्म से कुल 3 से ल ३॥ लो० लोकिकत ०० २० मत र सावित जड्या मे० सोते ० ते जून सों कुं मैं तार रामाशी जान बत्ताशिव यांत गावेगलाईमासे किं ते लातरि माममे विदीत है नहिं जाव ०दी गीतक ०जा०जा दि०दृश्वा ६ ᄑ सत्रगत इ मनै गम रुयो मणिर्य प्रवालसँगै रादिकात्म विशितं. सुलगाम श्रीराम दुश्यागामय रु ज०जा बत २०० ग्राम नितिन ००० ०० 43 म कार .० सा ग म
SR No.650024
Book TitleAnuyogadwara Sutra
Original Sutra AuthorAryarakshit
Author
PublisherKota
Publication Year
Total Pages134
LanguagePrakrit
ClassificationManuscript & agam_anuyogdwar
File Size58 MB
Copyright © Jain Education International. All rights reserved. | Privacy Policy