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________________ 212 निल रुडियाए झाई लेते मंदार एंगते कुरुडिया एसिसमा साड सोगबगिया जो विद्याविहो थाने से से शिया इमिसे कहाए लक्ष्ते समाजे सोमबार "कुरु डिएसियासत डासुर तेजान मिसिमिसेमारी दागकर लघु डेगिस्टर जेवबेला देवी तेणेन बेलादेवि ज्ञानयाहिंसा, मुसता उद्यानयाहि निमंत्र 2. एहिं नि साहिं उस एवं केस ऐतुमं मम पुत्ते एतेन कुरुडियाए उसावे चेला देवं माय सहसावियं करे एवं तुमदेव किया एसदार संसारमा सीमामा संवेदेहि तते सा चेला देवी से सियर एवं बुत्तासमा शीलजिया बिलज्जियासिक करले सेसिटरस र सो बिलाएं एयम पडिऐति तेदार जाव संबदे तितो सदास एतेन कुरुडियाए उसियमा एस गंगुलियाए कुक्कड एमिया मिथाभिपूयं सोशियं निनिरसनेति सत्तेसेदार बेयमनुयसमा म हया सार सेति सतह से से शिराया तसदार गस्स र सियस सोज्दा नि सम्म जेमेव सेदारएव तदारगेकरयल डे सिहर ग्रेगुलियाससि पछि इयं च सोयिं समुसत से दारए निवेद तुम मिय से चित्र जाहेबियस सेदार मिनुयसमा महया सद्दे रस ताविय से लिया जेणेव सेदारए सेव जान निवे दो तुम सिय सचिव ततेालसम्म वियरो तत्तिए दिन से चंदसूर दे सरिये करेंति जान से से बार साह दिवसेऽयमे यास गुण निष्पनं नामधिजंकरेति जम्हाऽम्हे एसदार गस्स एतेन कुरुडिया एसिया एस गंगुलिया ए कुछ दिन इमिया हो म्हे इमस्सदार गस्स नाम धिको यि ततैतसदारसमाप्रिय नामधिजे को मियंति ततै त हो यि दार बेदितिवडियेच जहा मेहस्स जावयासाए विहरदान ते ऐलस को गियरस या बुद्ध र ताजा एवंलुहं से कियरबाय नायमि सममेवर सिरी कारे मायाले मागे बिहार से सेलम से सियेरा नियल ने धरा करेता यशोराया महेयानि सेयमिति से मियस्सर इंतरालिए विंदाि बिरहा यि पडिजागर मारोगे बिहार सतेतरे वामना लभमारी एटा काला दिन दसकुमारे नियघरे सहावे एवं २० एवं बलदेवायुविया ऽम्हे से फिस्सरी बाधाए से नोचा राम समेवर सिरी कारे मायाले मागनिहर5 ते सेलु म्हे से गिरायेनिमलकर लंबा को कोठा गारेच जब एगार सभाए विरिधि करे ऽप्यास महया चैलाएदेविंहय 2 समेवर सिरिकारे माया विहरितर तसे ते दस कुमारा एमनियोइ तले से के लिय कुमार या सेरिएयस्सर मो इंतरं जाए निद्यलबंध रायसेावेत्ता को लिय कुमारे राया जाय महया ततेस से की फिराया गया एहाए जावस हा लंकार विभूसिय चेल गाए देवीए पायबंदर हबमाग Jan Education intemational For Private & Personal Use Only www.aintintory
SR No.650022
Book TitleNiravalika Sutra
Original Sutra AuthorSudharmaswami
AuthorKanhaiyalal
PublisherZZZ Unknown
Publication Year1889
Total Pages20
LanguagePrakrit
ClassificationManuscript & agam_nirayavalika
File Size9 MB
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