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________________ बालपणे आडपणे शिवारयती मात्रा घोडत रहाणापानीघटतीर मगलाइक मामलामावलिफरता वेदलानेष मानापमघापातल वाली संवसयस हम्मा तीसंवसह स्माइंदोलिया पासप सेओयणये किंविविसेसा दिए परिय अंश संघातमा लागाउपणे कहेता कि दियेसा दिसला श्वानाम बारहमास पत्रा कह्यामीकर गराराधर तेकह इसीपनाराएवीए बऊमशाद सताए श्रधाय लिएमात्र हो पाई बाहालणं तयापतरं वरणं यातली इसी नामक हाउ‍ ईमरत्रपन्नादि रघवानापरमेष्टिभघातेोघरे भागनार नाम मातलाष्ट६वा भविश्वर नाम मायाएमायाएप रिहायमासीर सामुदरिमापरात सुमचि श्रपातयतरी अंगुलस्म श्रमाखऊरसागं ताल र परिपातली नेत्र सिद्धिषु कहाइय साहमा धामकते कारणे सामानयामा मद्द कर्मकामिनाम कर्मकारणान समयमाभ४ बाहान संपाता इसीपनारायघट बीए 5वालसलामा पात्रां ऊहा इसातिया २५ सापहाराति ककनीका कारक नाम लोकनाथ नाकाने घातक २१ सर्व सत्रसुधान कर्तकार चार तम्पूविचार तम्णूपू तिवा४ सिद्धातियाय सिद्धालए विवाद मुत्री तिवा मुत्रालयतिवाठ लोचग्रं तिवा कनका एनून जाव M A
SR No.650017
Book TitleUvavai Sutra
Original Sutra AuthorSudharmaswami
AuthorKesharvijay
PublisherZZZ Unknown
Publication Year
Total Pages211
LanguagePrakrit
ClassificationManuscript & agam_aupapatik
File Size100 MB
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