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________________ शैमसंतदेव सर्वांत श्वविंदरतिर सात २ या दासां समानता लामा सुर्यादवया ॥ आउकाइया शांतकाता दिन] उaañति । एवं देवः विकाश्यवाहमण्डावत विकासात नदिया उक्का सुववति ॥ सालात कति दाम ओतामु। अक्काम सतवास सदस्म। द्वितिपश्वव क्रिडा/पदविकाइयमाहस गंमशिसाना याद्या गावदितिसावचनाए। घामसंवादवा मवेले सर्वनात वि/२४स विश्वात काश्या [काता दिता उध्व तिए 98 विद्याश्याहसस शिसांगहा सांना पियावाणवरहि वदवा का दावा था वति॥ाससंतांचव सवं नांतर जाव विदर विश्वमा बाउका श्या शांतकाता दितो उचव त्रिपादवतः कायादमः। तदेव द्वितिमाव हेच जाणे जसवंत व माता परमामाविम इकातिया एंगलात काता (होता व ति छविस शिमा शहासावर ज्ञादिवास्वपविकाशपति तादपदम बितियच मखमाम परिमाण असमर्थ विश्यं । अता ववति / लवादिमे जिदाणीदाल
SR No.650016
Book TitleBhagavati Sutra
Original Sutra AuthorSudharmaswami
Author
PublisherZZZ Unknown
Publication Year1539
Total Pages1168
LanguagePrakrit
ClassificationManuscript & agam_bhagwati
File Size575 MB
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