SearchBrowseAboutContactDonate
Page Preview
Page 97
Loading...
Download File
Download File
Page Text
________________ विषेज तो कार्तिक इम कि० कृति काय ए| कि० कृतिका कृतिका दिघोसे कृतिकाइत श्म म ४ CORS यो एकतिए की ते हते कितधम्मे !! किश्ती सम्मेकिंत्तिदेव | कितिदासे| लोकितिरखिए | एवं जाव २०४० किर्तिर तितरम जावत जरी संग्रह लीगाथान क्षेत्र नीता मृगसि श्राध नक्षत्र मे जायो नलिनु एद्र हा लवी कि० कृतिका रोहिती पुनश्वसु तिवारले स्लेबा कब ६ ७ चित्रा १२ 5· - qu नरपि संगमाह । कितिएरोहिणीमिसिर (दाय पुर्णवसु पुस्सेय ततोय असिलेसा मधा पुरवा कालमुनीहि १०स्त ११ स्वाति १३ विसावा१७ तिज अनुराधा जेल १७ व मधातो टीका गुणीज्य चित्ता ॥ सादिविहाय हो। अणुरा हजे हा मुला मुद्दा सा तिम तरा बारा विल२१ [ धनिका २२ सप्ततिया २३ वाह रेवती २६ मत्व राजपद२४ २५ दास उत्तरा ॥ निरसवल लिहा सत्त जिस या हो यहो तिनह्वथा नीख रेवास्सिलि भरली २० ए० एन-क्षत्रनीचरिवानी श्रेणी से०ए [ते० ते नक्षत्र नाना मला क्षेत्र नाते अथको पते वा वीस जालवी नक्षत्रने विषे जघन ने नाम नाम से ० नक्षत्रनामधीधाना नरणी एसानखति पडिवाडी सेतन खत्त माझे सेकिंत ॥ अग्नि टिकवता तेह नेवि पोते निवृत २ निसेन निरक्षित रहा वनेनामे नाम देवयानामे ि नेमा मे नामग्नीदेवता प्रग्निधर्म नियाहि देवानामजा लवाजावत महामही गोथाजालवीकृतिकाना श्रदृष्टदेव हिका ने किष्कृतिका हितिकादास हिका सेन प रुद्र४ नुक्रमे 4 आदित ब्ररुस्प सर्प चित्राहाम १० सविता इन्द्राग्नी १४ मित्र १५ ट्रेन ( तो ११४१२ वायु 93 रित्ती विसइ सप्पिं पिभात मतवित्तात हा वाय दगिंमित्ता | इंदेनार तीला उ १६/१७ ४
SR No.650011
Book TitleAnuyoga Dwar Sutra
Original Sutra AuthorAryarakshit
AuthorShivchandra Porwal
PublisherRatlam
Publication Year1853
Total Pages200
LanguagePrakrit, Marugurjar
ClassificationManuscript & agam_anuyogdwar
File Size101 MB
Copyright © Jain Education International. All rights reserved. | Privacy Policy