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________________ यारसम्पाताई निरंतरमीकै गतिवर देवगतिनामामा सम्पोजगन्निस्तरमा सेमबाजाधिकातिना आव्याधसेकें २-यारसपालगे। निरंतरसा वेदवारेपश्चात्तात्यवेदानिरतरसावासकवेदावश्चातक्तत्वषत्से के रयारसम्पाताई निरंतरसाकै रुपम नदीसूत्र राषथाय तो आसमालगानिस्तरमा वाकाबीयादिके दजागैयारसम्पाल निरतरतीकै ताधघारेवियाकरतार्थी अथवा ताकिरीनेता सम्मानगताधकिरतीर्थकर बेसम्पालगैनिश्तरसीमेपलिंगकारःखयनिगा आसम्पोलसा अन्य स लिंगाच्यारसम्माता शीरसिंगीबेसन्माता निरंतरसी६चारिवघारैलिणनागेश्वरिक्षाविचारिक्शाकुनामावति जागेमार समालगैसामनजिताऔनावैतिर्णनागेशासमालगै निरंतरसाकै बुद्धिमारेआचादिकनावतिबाध्यात्रा वसायालगै मात्पक बुधसिनासमध्यावावरुननसक सेके रचारसमोन निस्सरसाकै स्वयंबुधिबेसमालगनिरंतरम सीके ज्ञानधारे मतिापान श्रुतज्ञानरना२सम्पानगनिरंतर सामतिर श्रुतिमनविना समाताईसा मतिर श्रुतरावधि नामआसताईसाबलीमतिविधिमनव-नवqि 100 साकै तेमाटेमासम्यान निरन्तरसीकै अव गादनाधारे १५ उतशी अवगाहनानेसम्पालगैसीकै समअवगाहनाना आवसम्मालगैसा जघन्यवाहना ना२ समालोसीकै जवाच्यारसमलगैर साफ-10-2-Jageचारे १९ समकितथीगणपोजेसम्माननिरत सीके राष्पाता कालनालयाच्यारसमोनगैससेव्याता का जमापन समालगअनंताकालनापयामासमालगैनि तरमीकै बलातरादिकपारखार तानवेनहा-कोलारपांचो अंतरवारेसमचया अटीपाश्रीविरहकाल जघन्म एकसमयोउत्कृष्टोसञ्चयजदावधीतकाजमा वनविदेह धातकानैमा विदेहनै सिगतजाबानोजक शविरहतेथकवरसनोमांतकं कराधार समयअनिमाविदेविजंजारवरसकारातोआंतरूप करावास चय पोवारतमांच रिवताजन्माश्री १०८ कोकोसागरकोइककषांतोतयमानकालैतोबालाराने आंतरेजन्मजवर नमानकालै चोथामारानै जन्मन्त्रादिकवएतली कालवणजालसाहारणाश्रीजघन्पएकसयोउत्कृटोमध्याता हजारवरस नोआंतरजालिगतिवारे नरकगतिनामायावदेशवामानसीकवानोउत्कशातरूंथक्वरसान्नीसहस्रनीमारंपतियविना। आमाथक सयवस्सनो प्रांतकंप जघन्य समानेतीचिनास्त्रीनोरुधाशाननौदेवतावलाने सेवतेदेवताना आव्यानो पर मनोमनुपलानोदेवा नोएतलानाभायुपसेक २ उपदेवासाली तपासवानो जघन्य समयउत्कशे वरसमहसनो उत्कृष्टीविरस्मे
SR No.650009
Book TitleNandi Sutra
Original Sutra AuthorDevvachak
AuthorHansraj
PublisherNagor
Publication Year1931
Total Pages130
LanguagePrakrit
ClassificationManuscript & agam_nandisutra
File Size68 MB
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