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"""""प" गुल्फमूलयोः
घुटणना मूळ (ढांकणी) पर अञ्जन """ ",, स" पादयोः
बंने पग उपर प्र. कल्प " ,, ,, ,,, ह" हृदये सर्वप्राणस्थाने
हृदय पर ॥७७॥
बिंब उपर वासक्षेपः-- ___ पछी “ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौ शान्तिं कुरु कुरु स्वाहा; ॐ ह्रीं नमो अरिहंताणं, ॐ ह्रीँ नमो अरहताणं, ॐ ह्रीँ नमो अमहंताणं वा, अहं नमः स्वाहा, ॐ ह्रीँ नमो अरहंताणं, ॐ हाँ हाँ हूँ हूँ ह्रौं हः अहं ||४|| नमः स्वाहा" ए मंत्रथी मंत्रीने प्रभुना मस्तक उपर वासक्षेप नांखवो. | कर्णोपदेशमंत्र:--
"ॐ हाँ हाँ हूँ है हो हः असिआउसा हाँ नम स्वाहा" आ मंत्रथी कानमां उपदेश करवो अने त्यार बाद नीचेना मंत्रथी प्रभुजीना मस्तक उपर वासक्षेप करतो. वासक्षेपमंत्र:--"ॐ ही परमहंसाय परमेष्ठिने परमहंसः । हँ हाँ हूँ हाँ हाँ हूँ हूँ ह्रौं हुः परमेश्वराय परमेष्ठिने नमः स्वाहा"। आशीर्वचन :
पछी नीचेनो आशिप मंत्र बोलवो--"ॐ क्लीं ह्मो वद वद वाग्वादिनी भगवती ही नमः, ॐ नमो ICI अरुहंताणं धातृभ्योऽभीप्सितफलदेभ्यः स्वाहा"।
REACHECEMARA
॥७७||
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