SearchBrowseAboutContactDonate
Page Preview
Page 176
Loading...
Download File
Download File
Page Text
________________ જૈન યુગ ता. ११-८-३४ कॉन्फरन्स की बैठक के समय काम काज चलाने के नियम । पणा १ कॉन्फरन्स की प्रत्येक वैठक स्वागत समिति के जाहिर ८ हर एक प्रस्ताव का पेश करने वाला, समर्थक, उपकिये, समय और स्थान पर होगी। समर्थक और.अनुमोदक सबजेक्टस कमिटी में चुने हुए प्रतिनिधि होने चाहिये । उनके अतिरिक्त दूसरे को २ कॉन्फरन्स में प्रथम दिन का कार्यक्रम यथा-संभव आज्ञा देना प्रमुख की इच्छानुसार है। निम्नलिखितानुसार होगा। (क) स्वागत समिति के प्रमुख का प्रतिनिधियों को ९ सबजेक्टस कमिटी में प्रस्तावक और समर्थन करने स्वागत करने वाला भाषण । वालों के नाम के साथ निश्चित किये हुए प्रस्ताव भी यदि प्रमुख को योग्य जान पडे तो वह अपनी ओर से (ख) कॉन्फरन्स के चुने हुए प्रमुख का यथा विधि पेश कर सकेंगे। उसमें किसी भी प्रकार का एतराज़ स्वीकार और उनका भाषण । नहीं हो सकता। (ग) कॉन्फरन्स के कामकाज की रिपोर्ट । १० सब बोलने वालों को अमुक समय तक ही बोलने देने (घ) विषय विचारिणी समिति (सबजेक्ट कमिटी) की, किसी भी बोलने वाले को नियमानुसार वर्तन का चुनाव। करने को कहने की, तथा किसी बोलने वाले को प्रमुख की ओर से सूचना मिलने पर भी चर्चा के ३ कॉन्फरन्स की प्रत्येक बैठक प्रारम्भ होने से पहिले नियमों का उलंघन होता हो तो उसके निश्चित किये यथासंभव उस दिन के काम काज के कार्यक्रम की समय से पहिले भी रोकने की सत्ता कॉन्फरन्स के छपी हुई नकलें सेक्रेटरी वांटेंगे। प्रमुख को होगी। ४ कॉन्फरन्स में जो भाषण हों उनपर अथवा उनमें बताये गये विचारों पर किसी भी प्रकार की वादविवाद ११ कॉन्फरन्स के कार्य में विघ्न करने वाले या नियम का भंग करने वाले किसी भी प्रातिनिधि या प्रेक्षक को करने की आज्ञा नहीं दी जायगी। कारण बताये या फीस लौटाये बिना मण्डप छोड ५ नियमानुसार और कामकाज चलाने की रीति अनुसार जाने की आज्ञा देने की प्रमुख को सत्ता होगी। सव प्रश्नों का प्रमुख स्वयं तुरत निर्णय करेंगे और उनका निर्णय सब कार्यों में अन्तिम और मान्य १२ स्वागत समिति की ओर से निश्चित किये इकरारों गिना जायगा। और शतों के अनुसार प्रेक्षकों को कॉन्फरन्स की बैठक ६ कोई गम्भीर गडवडवश अथवा और किसी उचित के समय उनके लिये जो भिन्न स्थान निश्चित किया कारणवश खास समय तक अथवा कोई भी दिन गया होगा उसी स्थान में वे उपस्थित रह सकेंगे। निश्चित किये बिना कॉन्फरन्स मुल्तवी करने की सत्ता उनकी तरफ से सभा के कार्य में विघ्न उपस्थित हुआ प्रमुख को होगी। देखेंगे तो उनको फीस दियं विना सभा से निकल ७ कार्यक्रम का जो अनुक्रम रक्खा हो उस अनुक्रम में जाने को किसी भी समय कॉन्फरन्स के प्रमुख फेरफार करने की प्रमुख को सत्ता है। कह सकेंगे।
SR No.536274
Book TitleJain Yug 1934
Original Sutra AuthorN/A
AuthorMohanlal Dalichand Desai
PublisherJain Shwetambar Conference
Publication Year1934
Total Pages178
LanguageGujarati
ClassificationMagazine, India_Jain Yug, & India
File Size20 MB
Copyright © Jain Education International. All rights reserved. | Privacy Policy