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________________ Shri Mahavir Jain Aradhana Kendra www.kobatirth.org Acharya Shri Kailassagarsuri Gyanmandir શ્રી આત્માનંદ પ્રકાશ . 88a8a88a88000808080808080508 थाना में भव्य संक्रांन्ति समारोह सम्पन Podcocc000000000000000 sowagon कोंकण का शत्रुजय थाना नगरी इम वर्ष कितने ही व्यक्तियों ने पहली बार गुरुतीर्थ मय बना हुआ है. यहां पर जंगम संक्रान्तिका कार्यक्रम देखा। पूज्य गुरुदेव तीर्थरूप पंजाब केसरी युगवीर जैनाचार्य श्रीमद् के मंगलमय मंगलाचरण पश्चात मुनि श्री विजयवादम गरीधरजी म. सा. के क्रमिक जिनचन्द्र विजयजी म.ने नवकार महामंत्र की परधर वर्तमान गच्छाधिपति श्रवण सामहिक धन बलवाकर सारे वातावरण को परम्परा के उज्वल्य नक्षत्र सम चारित्र चूडा- धर्ममय बना दिया साथ ही उन्होंने एक मणि तपो सम्राट शासन शिरोमणी जैनाचार्य भक्ति गीत भी सूनाया। बाद में थाना श्रीसंघ श्रीमद विजय इन्द्रदिन्न मरिश्वरजी म.सा. ब के प्रमख श्री चंदनमलजी ने संतांन्ति के कार्यदक्ष शासन प्रभावक आचादव श्रीमद् अवसर पर पधारे महानुभावी का भावभीना विजयजगच्चन्द सूरीश्वरजी म. सा. आदि स्वागत किया साथ ही गुरु वल्लभ व उनके ठाणा १२ की पावन निश्रामें दिनांक १७ - समुदाय के साधु-साध्वीयों के राजस्थान पर ९५ को मन्यसे सक्रांति कार्यक्रम संयन्न किये गये उपकारों का वर्णन किया। इस हआ इस भवन्ति समारोह में पंजाब, हरी- अवसर पर श्री मोहनलालजी व महाराज जी याणा, म. गुजरात, राजस्थान, बीकानेर, महेता ने गुरु भक्ति का गीत अपने हृदय के बम्बई, मद्रास, बगलोर आदि स्थानों से प्रति- उद्गारों के साथ गाया साथ ही पंजाब मास आनेवाले गुरु भक्तगण पधारे थे। अड़ियाला गुरु से आया हुआ बाल गुरुभक्त पृज्य गुरुदेव ठीक ८-३० बजे मंगला श्री मौनु जैन ने गुरु भक्ति का गीत गा कर चरण से धर्मसभा का प्रारम्भ हुआ, स्थानिय सभा को बांध दी । पश्चात विद्वान प्रवचनलोग व बम्बई के असंख्य व्यक्ति संक्रान्ति कार मुनि श्री अरुण विजय श्री म ने अपने कैसी होती है व पंजावी गुरुभक्तों की सार गर्मित प्रवचन में कहा कि इस असार की गु' भक्ति को दबाने के लिय आये हुए थे संसार कोई भी जीवात्मा जन्म धारण करता For Private And Personal Use Only
SR No.532027
Book TitleAtmanand Prakash Pustak 092 Ank 09 10
Original Sutra AuthorN/A
AuthorPramodkant K Shah
PublisherJain Atmanand Sabha Bhavnagar
Publication Year1994
Total Pages28
LanguageGujarati, Hindi
ClassificationMagazine, India_Atmanand Prakash, & India
File Size3 MB
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