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________________ Jain Education International उपकेशगच्छ का संक्षिप्त इतिहास धातु की For Private & Personal Use Only १२५. १५१४ फाल्गुन सुदि १० ककुदाचार्यसंतानीय शांतिनाथ आदिनाथ जिना- नाहर, पूर्वोक्त सोमवार कक्कसूरि की प्रतिमा लय देवीकोट, भाग ३, का लेख जैसलमेर लेखांक २५७७ १५१४ ॥ कुंथुनाथ की शांतिनाथ विजयधर्मसूरि, जिनालय, पूर्वोक्त प्रतिमा का लेख जामनगर लेखांक २९५ १२७. १५१५ ज्येष्ठ सुदि ११ नेमिनाथ केशरिया नाथ विनयसागर, सोमवार की पञ्चतीर्थी का मन्दिर, पूर्वोक्त प्रतिमा का लेख भिनाय लेखांक ५३६ १५१७ माघ वदि ५ अजितनाथ की जैन मन्दिर, नाहर, पूर्वोक्त पञ्चतीर्थी प्रतिमा जसोल, भाग २, का लेख ___ मारवाड़ लेखांक १८८३ १२९. १५१७ माघ वदि६ कुंथनाथ की पञ्चायती विनयसागर, गुरुवार पञ्चतीर्थी जैन मन्दिर, पूर्वोक्त प्रतिमा का लेख जयपुर लेखांक ५७१ १३०. १५१७ माघ वदि ८ चन्द्रप्रभस्वामी शान्तिनाथ विजयधर्मसूरि, की धातु की ___ जिनालय पूर्वोक्त, प्रतिमा का लेख राधनपुर लेखांक ३०८ www.jainelibrary.org
SR No.525007
Book TitleSramana 1991 07
Original Sutra AuthorN/A
AuthorAshok Kumar Singh
PublisherParshvanath Vidhyashram Varanasi
Publication Year1991
Total Pages198
LanguageHindi
ClassificationMagazine, India_Sramana, & India
File Size7 MB
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