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________________ अनुसंधान-१७. 240 प्रकाशक प्रकाशनवर्ष ra १९५४ गुजराती १९४५ श्रमण ५.११ जैन प्रकाश जैन प्रकाश १८-२-३७, २५-२-३७,४-३-३७ Pr १९३७ भावसार मित्र प्रबुद्ध जीवन १९७३ १९५५ क्रम लेख भाषा ३६ उपशमनका आध्यात्मिक हिन्दी ३७ उलटी गंगा ऊगती प्रजामां धार्मिक संस्कारो शी रीते सचवाय? गुजराती एक आवकारदायक परंपरा, सद्गत श्री वीरचंदभाई पंचाळी गुजराती एकांत, पाप अने पुण्य गुजराती एकान्त पाप और पुण्य (गुज. से अनु.) हिन्दी ४२ औदार्यपूर्ण धर्ममीमांसा (आनंदशंकर बापुभाई ध्रुव) गुजराती ४३ करकंडु राजा करुणाविचार विरुद्ध उपयुक्ततावाद गुजराती । कान्हडदे प्रबंध अने गुजराती ४६ कुवलयमालाकथा अने तेना संध्यावर्णनो गुजराती ४७ कोन्फरंस एटले तमे पोते ज गुजराती ४८ क्या मैं जैन हूं हिन्दी क्षमापर्व गुजराती ५० क्षमाश्रमण गांधीजी हिन्दी क्षमाश्रमण गांधीजी गुजराती खोद्यो डुंगर अने (थोडा गुजराती समय पहेला बीकानेर भीनासर खाते अखिल हिन्दी स्थानकवासी जैन कोन्फरन्सनुं अधिवेशन जैन भारती श्रमण ६.१२ १९५५ आपणो धर्म (त्रीजी आवृत्तिनुं । पुनःमुद्रण) ग्रंथ १९६४ सविता शतांक १९५६ गुजराती सनि १९६१ जैन प्रकाश गुज. समाचार जैन ३०-४-६० १९६० स्वाध्याय अंक१-१ १९६३ जैन प्रकाश श्रमण ३.१० प्रबुद्ध जीवन नया समाज अखंड आनंद १९३४ १९५२ १९५२ १९४८ १९४९ Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org
SR No.229728
Book TitlePandit Pravar Dalsukh Malvaniyani Sahityopasna
Original Sutra AuthorN/A
AuthorJitendra Shah
PublisherZZ_Anusandhan
Publication Year
Total Pages32
LanguageHindi
ClassificationArticle & 0_not_categorized
File Size516 KB
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