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________________ Vol. 1-1995 थारापद्रगच्छ का संक्षिप्त... ख. थारापद्रगच्छीय मुनिजनों की प्रेरणा से इस गच्छ के श्रावकों द्वारा प्रतिष्ठापित जिनप्रतिमायें एवं उन पर उत्कीर्ण लेखों का विवरण क्रमांक संवत् । तिथि | प्रतिमालेख | प्रतिष्ठा स्थान संदर्भ ग्रन्थ १. | १११८ | - - विमलवसही,- आबू प्राचीनजैन लेख संग्रह, भाग २, सं० मुनि जिनविजय, लेखाङ्क १५४ एवं अर्बुदप्राचीनजैनलेखसंदोह, आबू, भाग २, सं० मुनि जयन्तविजय, लेखाङ्क ६३ पार्श्वनाथ की पीतलकी प्रतिमा का लेख "राष्ट्रीय संग्रहालय की कतिपयधातु प्रतिमायें" जैन सन्देश शोधाङ्क, भाग ४१, अगरचन्द नाहटा, वर्ष ४२, पृष्ठ २४२-२४६ शांतिनाथ की प्रतिमा का लेख विमलवसही, आबू मुनि जयन्तविजय, पूर्वोक्त, लेखाङ्क ७४ | ४. । ११३९ । मार्ग० सुदि अजितनाथ जिनालय प्रतिष्ठालेखसंग्रह, सं० विनयसागर, सिरोही लेखाङ्क ९ ११६१ शीतलनाथ की पार्श्वनाथ जिनालय, प्रतिमाका लेख आरासणा, मुनि जिनविजय, पूर्वोक्त, लेखाङ्क २९७ ११९१ मार्ग० वदि ५ एकतीर्थी जिनप्रतिमा का लेख अनुपूर्तिलेख, आबू मुनि जयन्तविजय, पूर्वोक्त, लेखाङ्क ५१० १२१० फाल्गुन सुदि पार्श्वनाथ की शांतिनाथ जिनालय, अर्बुदाचलप्रदक्षिणाजैनलेखसंदोह, ११ । प्रतिमाका लेख | नांदिया आबू, भाग ५, सं० मुनि जयन्तविजय, लेखाङ्क ४५४ ८. १२३४ माघ सुदि १०महावीर की प्रतिमा आदिनाथ जिनालय, विनयसागर, पूर्वोक्त, लेखाङ्क ३६ बुधवार | का लेख न सिरोही Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org
SR No.229087
Book TitleTharapadragaccha ka Sankshipta Itihas
Original Sutra AuthorN/A
AuthorShivprasad
PublisherZ_Nirgrantha_1_022701.pdf and Nirgrantha_2_022702.pdf and Nirgrantha_3_022703.pdf
Publication Year1995
Total Pages15
LanguageHindi
ClassificationArticle & Jain Sangh
File Size459 KB
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