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________________ १८ | १६ | २० | २१ । २२ | २३ | २४ | २५ । २६ अध्याय : नौवां ] उसराभद्र १३ रेवती मीन सपे हुये सोने के समान मरगी कर्क १३ ज्येष्ठ कु.१० प्रष्टभासिया उत्तराभाप्रपद पौध्य शु. ४ - १४ कातिक रु. १ रेवती ज्येष्ठ .१२ पुष्पयोग १५ वैशाख शु. १२ ॥ पौष शु. १३ - १६ भाद्रपद कृ. ७ भरणी ज्येष्ठ कृ. १४ प्रातःसमय १७ श्रावण कृ. १० कृतिका वंशाख शु. १ - १८ फाल्गुन शु.३ , रेवती मार्गशीर्ष रोहिणी धूप अश्विनी मीन १६ चैत्र शु. १ , प्रश्चिमी मार्ग शीर्ष - २० श्रावण कृ.२ श्रवण चत्र इ. १० - म्बाती मकर प्रियंप्रमा-इन्द्रनीस अश्विनी २१ आश्वनि कृ.२ . २२ कार्तिक शु. ६ , भाषाड़ कृ. १० -- धावण शु.६ - चित्रा मेष विशाखा कन्या उत्सराबाद सपे हुये सोने के समान १५ प्रियंगुप्रमा-पोर के कंठ के १. समान (श्याम वर्ण) इन्द नील प्रभा-पान (हरित वर्ष) तपे हुये सोने के समान वर्ण ३ २३ वैशाख कृ. ३ , विशाखा __ पौध्य कृ. ११ अनित्ययोग कुम्म ] २४ प्रापाड़ शु. ६ , उत्तरापार पत्र शु. १३ - उत्तरा फा. कन्या 62
SR No.090436
Book TitleGommat Prashnottar Chintamani
Original Sutra AuthorN/A
AuthorDigambar Jain Kunthu Vijay Granthamala Samiti Jaipur
PublisherDigambar Jain Kunthu Vijay Granthamala Samiti
Publication Year
Total Pages1124
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari, Religion, & Karma
File Size37 MB
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