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________________ - ३३३. ३३३ ब्रह्मजिन दास हिन्दी लिण्याकड नवकार गीत से मुखावली गीत मतानुप्रेक्षा H साषा प्राकृत सदसणसार सकलकीर्ति हिन्दी मुनि विषयसेन प्राक्त २३४१ गुटका नं० ३७ । पत्र सं० १. । साइज-६४४३ इञ्च । लेखनकाल-सं० १७०४ । पूणे एवं सामान्य शुद्ध । दशा-सामान्य | वेष्टन नं. २४५६ । विशेष विषय-सूची कर्ता का नाम माषा . नाममाला धनंजय संस्कृत शिवसाधन नाम . जगन्नाथ जिनस्तोत्र कादिराज हिन्दी पद १५ पप पंचकल्याण ठक्कुर २३४२ गुटका नं०३८ । पत्र सं० ४४ ! साइज-७४४ इन्च । लेखनकाल । पूर्ण एवं सामान्य शुद्ध । दशा-सामान्य । वेष्टन नं० २४६. । विशेष विषय-सूची कर्चा का नाम घालूकवि हिन्दी पाण्यात्मपैडी बनारसीदास बनारसी विलास के अ'श स्फुट पद २३४३ गुटका ०३.1 पत्र सं० ४५ | साइज-४६३ इञ्च | लेखनकाल | पूर्ण एवं शुद्ध | दशाजीर्ण । बेष्टन नं० २४६२ ।। . विशेष विषय-सूची कर्ता का नाम स्वामीकार्तिकेयानुप्रेक्षा स्वामी कार्तिकेय देवसेन संस्कृत २३४४ गुटका नं०४०। पत्र सं० २० । साइज-मx५ इम्च 1 लेखनकाल--सं. १७५३ । अपूर्य एवं सामान्य शुद्ध ! दशा-जीर्थ । वेष्टन नं २४६० । विशेष भावा विषय-सूची कर्ता का नाम हिन्दी जोगीरासो झाता को किया कपन दादशानुप्रेक्षा AASHWAMI TRAUMAULTU भाषा प्राकृत तत्त्वसार " Aniindy.
SR No.090393
Book TitleRajasthan ke Jain Shastra Bhandaronki Granth Soochi Part 2
Original Sutra AuthorN/A
AuthorKasturchand Kasliwal
PublisherPrabandh Karini Committee Jaipur
Publication Year
Total Pages446
LanguageHindi
ClassificationCatalogue, Literature, Biography, & Catalogue
File Size11 MB
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