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________________ सुभाषित ] १८२५ वारक्खरी दोहा - ( बारहखडी दोहा ) श्री महचंदं । माश-पत्र | विषय - सुभाषित | रचनाकाल x | लेखनकाल - सं० शा- सामान्य । वेष्टन नं ० १६५३ । विशेष-- श्री चाहड सौंगाणी ने प्रतिलिपि करवाई थी । ९८७ पत्र सं० १२ | साइज - १०९४३ इश्च | १५६१ पौष सुदी १२ । पूर्ण एवं सामान्य शुद्ध १८२६ षष्टशतप्रकरण-भंडारी नेमिचन्द । पत्र सं० ७ | साइज - १०९४ च । भाषा प्राकृत विषयमाषित । रचनाकाल x | लेखनकाल X | पूर्ण एवं सामान्य शुद्ध । दशा - सामान्य । वेष्टन नं० १८०६ | १८२७ सज्जनचित्तवल्लभ ---पत्र सं० ४ | साइज - १०३४५ इञ्च । भाषा-संस्कृत | विषय - समापित । रचनाकाल x | लेखनकाल x | पूर्ण एवं सामान्य शुद्ध दशा - सामान्य । वेष्टन नं ० १८१७ | १८२ प्रति नं० २ पत्र सं० ४ | साइज - ३५३ इ | लेखनकाल x | पूर्ण एवं शुद्ध । दशा उत्तम टिन नं० १८१७ १८९६ प्रति नं० ३ १ पत्र सं० ४ | साइज - १०३x४३ इ | लेखनकाल X। पूर्ण एवं शुद्ध दशासामान्य वेष्टन नं० १८१८ | १८३० प्रति नं० ४ । पत्र सं० ४ । साइज ८५३ इन्च | लेखनकाल x | पूर्ण एवं शुद्ध दशाबचम | वेष्टन नं० १=१८ | १८३१ सद्भाषितावली - पनालाल चौधरी । पुत्र सं० ६० | साइज - १३४० इञ्च | भाषा - हिन्दी | विषयसुभाषित | रचनाकाल - सं० २०१० | लेखनकाल x | पूर्ण एवं शुद्ध । दशा-उतम । वेष्टन नं० २१२= | १८३२ संबोधपंचाशिका - गौतमस्वामी । पत्र सं० १७ | साइज - १०३४४३ | भाषा प्राकृत | विषय- श्रात्मबोध सम्बन्धी गाथायें । रचनाकाल x | लेखनकाल x | पूर्ण एवं शुद्ध । दशा - सामान्य | केप्टन नं० १६३० | विशेष प्रति सीक है । टीका संस्कृत में है । १:३३ प्रति नं २ | पत्र ०५ | साइज - ११४३ इञ्च । लेखनकाल । पूर्ण एवं शुद्ध दशा - सामान्य | बैप्टन नं० १०३०॥ १८३४ सिंदूर करण -कौरपाल बनारसीदास | पत्र सं० १६ | साइज - १०३x४ इ । भाषा - हिन्दी | विश्य भाषित | रचनाकाल - सं० १६६६ । लेखनकाल x | पूर्ण एवं सामान्य शुद्ध दशा - सामान्य | वेष्टन नं० २०८६ | १०३५ प्रति नं० २ । पत्र सं० २६ | साइज - ६५ इञ्च । लेखनकाल - सं० १८१८ । पूर्ण एवं सामान्य शुद्ध दशा- जीर्ण | वेष्टन नं० २०६० । १८३६ प्रति नं ३ | पत्र [सं० २३ | साइज - ६ इन्च | लेखनकाल । पूर्ण एवं शुद्ध । दशा- सामान्य । बेटन नं० २०६१ | १८३७ सुभाषितकोश --------| पत्र सं रचनाकाल । लेखनकाल । पूर्ण एवं सामान्य शुद्ध ४ | साइज - १०४४३ इन्च | भाषा संस्कृत | विषय - सुभाषित | दशा - जी । वेष्टन नं ० २१३५ ।
SR No.090393
Book TitleRajasthan ke Jain Shastra Bhandaronki Granth Soochi Part 2
Original Sutra AuthorN/A
AuthorKasturchand Kasliwal
PublisherPrabandh Karini Committee Jaipur
Publication Year
Total Pages446
LanguageHindi
ClassificationCatalogue, Literature, Biography, & Catalogue
File Size11 MB
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