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________________ धनंजय संस्कृत विषापहारस्तोत्र संबोधपंचासिका हंससारंगई यशोधर जयमाल सुभाषितावली पात FFFFFFFF संस्कृत योगीन्द्र Hin परमात्मप्रकाश प्राकृत बादिकु जरस्तोत्र संस्कृत तत्वार्थसूत्र उमास्त्राति ८६६ गुटका नं.८ । पत्र सं. २५ । साइज-६४५ च । लेखन काल-सं० १० | पूर्ण एवं सामान्य शुद्ध । दशा-जीर्ण शीर्ण । वेटन नं. ३३७ विषय-सूची कता का नाम भाषा विशेष ज्ञान पद मनोहर श्राम नीच का झगड़ा बारहमासा स्तुति गोरखनाथजी का सरोधा हिन्दी LATTA ___ गुटका नं. ६ | पत्र सं० ७. J साइज-2x | लेखन काल-सं. १९४२ । पूर्ण एवं शुद्ध सामान्य । वेष्टन नं. ७ विषय-सूची कत्ता का नाम भाषा पंचकल्याग रूपचंद भक्तामर स्तोत्र श्रा० मानतुग तीन लोक चैत्यालय पूजा सिद्ध पूजा स्वयंभू स्तोत्र श्रा समन्तभद्र दर्शन पच्चीसी जयपुर के मन्दिरों की बन्दना बलराम पद व कवित - गुटका नं०६०। पत्र सं० २२ । साइज-३४६ १३ । लेखन काल x। पूर्ण एवं सामान्य शुद्ध। . दशा-सामान्य | वेष्टन नं. ७ विशेष--कोई उल्लेखनीय सामग्री नहीं है। -- - - -
SR No.090393
Book TitleRajasthan ke Jain Shastra Bhandaronki Granth Soochi Part 2
Original Sutra AuthorN/A
AuthorKasturchand Kasliwal
PublisherPrabandh Karini Committee Jaipur
Publication Year
Total Pages446
LanguageHindi
ClassificationCatalogue, Literature, Biography, & Catalogue
File Size11 MB
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