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________________ पृष्ठ १४-१५ ६५-१६ ९७-100 १०४-१०७ १०७.१०६ १०९-११६ ११७-१२७ श्लोक संख्या पादान निक्षेपण समिति ५७४-५६५ प्रतिष्ठापन समिति ५६६-५६७ समितियों को महिमा ५८.६०१ तीसरा अधिकार मङ्गलाचरण प्रतिज्ञा पक्ष त्रिपका निरोध ५.४६२२ श्रोत्र इन्द्रिय का निरोध नाणेन्द्रिय का निरोष ६३७-६४५ जिह्वा इन्द्रिय का निरोष स्पर्श इन्द्रिय का निरोध ६६२-६७५ पांचों इन्द्रियों का स्वरूप ६७५-७१३ मावश्यकों का स्वरूप भौर भेव ७१४-७१५ सामायिक मावश्यक ७१६-७७९ स्तवन मावायक ७७९-८३१ वन्दना मावश्यक १२-०४५ बन्दनांतर्गल कृतिकर्म, चितिकर्म पूजाकम, विनयकम, लोकानुवृत्ति ८४९-५ विनय के मेव १५२-६५७ मोज विनय के भेद ५५६-८७१ कृतिकर्म ७२-६५३ पार्श्वस्थ मादि त्याज्य मुनियों का ९५४-९५० मुनियों की वादना कब करना चाहिये ९५१-६६५ बन्धना के बत्तीस पोष उपसंहार १०३८ चौथा अधिकार मङ्गलाचरण प्रतिषमण १०४०-१०६५ प्रत्यास्थान प्रत्यास्याम के भेद १११६-११४६ १६-१७ १३७-१३० १३८-१३४ १९९-१४२ १४२-१५४ १५५-१५९ १५६-१६१ १६१-१६७ १६९ १६६ १७७-१. १५-१६ कसमककामवाफमाकमाणकामक्षकक्षाकवाक्याक्षणापरायणकाosarorappपकमक्कमक
SR No.090288
Book TitleMulachar Pradip
Original Sutra AuthorN/A
Author
PublisherZZZ Unknown
Publication Year
Total Pages544
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari, Ethics, Philosophy, & Religion
File Size14 MB
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