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________________ ७१. प्रश्न : संस्थान नामकर्म किसे कहते है ? उत्तर : जिसके उदय से शरीर की आकृति बनती है उसे संस्थान नामकर्म कहते हैं। इसके छह भेद हैं- १. समचतुरस्रसंस्थान २. न्यग्रोधपरिमण्डल संस्थान ३. स्वातिसंस्थान ४. वामनसंस्थान ५. कुब्जक संस्थान और ६. हुण्डक संस्थान। ७२. प्रश्न : समचतुरनसंस्थान किसे कहते हैं ? उत्तर : जिसके उदय से शरीर सुन्दर और सुडौल होता है उसे रानतुरनसंस्थान कहते हैं : ७३. प्रश्न : न्यग्रोयपरिमण्डलसंस्थान किसे कहते हैं ? उत्तर : जिसके उदय से शरीर वटवृक्ष के समान होता है अर्थात् नाभि से नीचे का भाग पतला और ऊपर का भाग मोटा होता है उसे न्यग्रोधपरिमण्डल संस्थान कहते हैं। ७४. प्रश्न : स्याति संस्थान किसे कहते हैं ? उत्तर : जिसके उदय से इस जीव का शरीर स्वाति-साँप की वामी के समान होता है अर्थात्. नाभि से नीचे का भाग मोटा और ऊपर का भाग पतला होता है उसे स्वाति संस्थान कहते हैं। (२३)
SR No.090246
Book TitleKarananuyoga Part 2
Original Sutra AuthorN/A
AuthorPannalal Jain
PublisherBharat Varshiya Digambar Jain Mahasabha
Publication Year
Total Pages125
LanguageHindi, Prakrit
ClassificationBook_Devnagari, Ethics, Agam, Canon, & agam_related_other_literature
File Size1 MB
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