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________________ २५६. प्रश्न : नरकायु बन्य के प्रत्यय क्या हैं ? उत्तर : बहुत आरम्म और परिग्रह में आसक्ति रखना नरकायु के प्रत्यय हैं। २६०. प्रश्न : तिथंच आयु का प्रत्यय क्या है ? उत्तर : मायाचार रूप परिणति तिथंच आयु का प्रत्यय है। २६१. प्रश्न : मनुष्यायु का प्रत्यय क्या है ? उत्तर : अल्प आरम्भ और अल्प परिग्रह का होना मनुष्यायु का प्रत्यय है। स्वभाव की मृदुता भी मनुष्यायु का प्रत्यय है। २६२. प्रश्न : देदायु के प्रत्यय क्या हैं ? उत्तर : सराग संयम, संयमा संयम, अकाम निर्जरा और बाल तप तथा सम्यक्त्व के काल में होने वाला प्रशस्त राग देवायु के प्रत्यय हैं। ' २६३. प्रश्न : नामकर्म के प्रत्यय क्या हैं ? उत्तर : मन, वचन, काय की कुटिलता तथा सहधर्मीजनों के साथ विसंवाद करना अशुभ नामकर्म के प्रत्यय हैं और इनसे विपरीत भाव शुभ नामकर्म के प्रत्यय हैं। . ... २६४. प्रश्न : तीर्थंकर प्रकृति के प्रत्यय क्या हैं ? (१०५)
SR No.090246
Book TitleKarananuyoga Part 2
Original Sutra AuthorN/A
AuthorPannalal Jain
PublisherBharat Varshiya Digambar Jain Mahasabha
Publication Year
Total Pages125
LanguageHindi, Prakrit
ClassificationBook_Devnagari, Ethics, Agam, Canon, & agam_related_other_literature
File Size1 MB
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