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________________ गाथा ४० संस्थान नामकर्म का लक्षण और उसके भेद वर्ण नामकर्म का लक्षण और भेद गाथा ४१ गंध नामकर्म के भेद व उनके लक्षण रस नामकर्म के भेद व उनके लक्षण स्पर्श नामकर्म के भेद व उनके लक्षण गाथा ४२ वर्ण, गंध, रस और स्पर्धा के भेदों में कौन शुभ, कौन अशुभ गाथा ४३ मानुपूर्वी नामकर्म की व्याख्या और भेद गतिद्विक आदि संज्ञायें विहायोगति नामकर्म के भेद गाथा ४४ ( १६ ) परापात और उच्छ्वास नामकर्म के लक्षण गाथा ४५-४६ आतप नामकर्म का लक्षण आतप और उष्ण नामकर्म में अन्तर यो नामकर्म का लक्षण गाया ४७ अगुरुलघु नामकर्म का लक्षण तीर्थंकर नामकर्म का लक्षण गाथा ४८ निर्माण नामकर्म का लक्षण उपवात नामकर्म का लक्षण पृष्ठ ११८-१२१ ११६ १२०. १२२-१२३ १२१ १२२ १२२ १२३-१२४ १२३ १२४-१२६ १२५ १२६ १२६ १२७ १२७ १२७-१२६ १२८ १२६ *** १२६-१३१ १३० १३१ १३१-१३२ १३१ १३१
SR No.090239
Book TitleKarmagrantha Part 1
Original Sutra AuthorDevendrasuri
AuthorShreechand Surana, Devkumar Jain Shastri
PublisherMarudharkesari Sahitya Prakashan Samiti Jodhpur
Publication Year
Total Pages271
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari, Karma, & Religion
File Size4 MB
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