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________________ इस मंत्र का रास्ते में स्मरण करने पर चोरभय नष्ट होता है । मंत्र से मंत्रित धागा बांधने पर एकान्तर, वेलाज्वर, तृतीय ज्वर आदि सभी ज्वर नष्ट होते हैं । • डोरे में महान मंत्र पूर्वक बांधकर शरीर के श्रेष्ठ अवयवों में बातें तो चौरासी प्रकार के बायु रोग नष्ट होते हैं । मंत्र पढ़कर झाड़ा देने पर भूत प्रेतादिक की बाधाएं नष्ट होती हैं । मंत्र ७ बार, २१ बार या १०८ बार पढ़ें । यंत्र लिखने की विधि बारह खड़े और बारह भाड़े कोठे लिखें । उन कोठे में क्रमशः घण्टाकर्ण मूल मंत्र लिखें । जब सब कोठे भर जाय तब यंत्र के बाहरी भाग में 'ही' लिखें । घण्ट | करण मंत्र कल्पः --- र्ण महावीर स ब र पंक्ति भी रोंगा स्त ठर्णो ज या क्ष यं शा कि नी थ ७ णं तस्य न च स में ॐ ह्रीं श्रीं क यह एक स्तु ते 49 भ म य ल Nocate क णो न भ 用到书选用方金强 एक ARTH [ यंत्र चित्र नं ६ ] प्रणस्यात वात पि विनाशक विस्फोटक भ
SR No.090176
Book TitleGhantamantrakalpa
Original Sutra AuthorN/A
AuthorDigambar Jain Kunthu Vijay Granthamala Samiti Jaipur
PublisherDigambar Jain Kunthu Vijay Granthamala Samiti
Publication Year
Total Pages88
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari, Worship, & Worship
File Size3 MB
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