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________________ १७९४ अहवा-एगयओ पंच परमाणुपोग्गला, एगयओ दो दुपएसिया खंधा भवंति। अट्ठहा कज्जमाणेएगयओ सत्त परमाणुपोग्गला, एगयओ दुपएसिए खंधे भवइ। नवहा कज्जमाणे नव परमाणुपोग्गला भवंति। प. दस भंते ! परमाणुपोग्गला एगयओ साहन्नति, एगयओ साहण्णित्ता किं भवइ? उ. गोयमा ! दस पएसिए खंधे भवइ, से भिज्जमाणे दुहा विजाव दसविहा वि कज्जंति, दुहा कज्जमाणेएगयओ परमाणुपोग्गले, एगयओ नवपएसिए खंधे भवइ, अहवा-एगयओ दुपएसिए खंधे, एगयओ अट्ठपएसिए खंधे भवइ, अहवा-एगयओ तिपएसिए खंधे, एगयओ सत्तपएसिए खंधे भवइ, अहवा-एगयओ चउप्पएसिए खंधे, एगयओछप्पएसिए खंधे भवइ, अहवा-दो पंचपएसिया खंधा भवंति। तिहा कज्जमाणेएगयओ दो परमाणुपोग्गला, एगयओ अट्ठपएसिए खंधे भवइ, अहवा-एगयओ परमाणुपोग्गले, एगयओ दुपएसिए खंधे, एगयओ सत्तपएसिए खंधे भवइ, अहवा-एगयओ परमाणुपोग्गले, एगयओ तिपएसिए खंधे, एगयओ छप्पएसिए खंधे भवइ, अहवा-एगयओ परमाणुपोग्गले, एगयओ चउप्पएसिए खंधे, एगयओ पंचपएसिए खंधे भवइ, अहवा-एगयओ दो दुपएसिया खंधा, एगयओ छप्पएसिए खंधे भवइ, अहवा-एगयओ दुपएसिए खंधे, एगयओ तिपएसिए खंधे, एगयओ पंचपएसिए खंधे भवइ, अहवा-एगयओ दुपएसिए खंधे, एगयओ दो चउप्पएसिया खंधा भवंति, अहवा-एगयओ दो तिपएसिया खंधा, एगयओ चउप्पएसिए खंधे भवइ। द्रव्यानुयोग-(२) अथवा-एक ओर पाँच परमाणु पुद्गल, एक ओर दो द्विप्रदेशिक स्कन्ध होते हैं। आठ विभाग किये जाने परएक ओर सात परमाणु पुद्गल, एक ओर एक द्विप्रदेशिक स्कन्ध होता है। नव विभाग किये जाने पर नौ परमाणु पुद्गल होते हैं। प्र. भंते ! दस परमाणु पुद्गल एक साथ मिलते हैं और एक साथ मिलने पर क्या होता है ? उ. गौतम ! दस प्रदेशी स्कन्ध होता है। उसके विभाग किये जाने पर दो यावत् दस विभाग होते हैं। दो विभाग किये जाने परएक ओर एक परमाणु पुद्गल, एक ओर एक नव प्रदेशी स्कन्ध होते हैं। अथवा-एक ओर एक द्विप्रदेशी स्कन्ध, एक ओर एक अष्टप्रदेशी स्कन्ध होता है। अथवा-एक ओर एक त्रिप्रदेशिक स्कन्ध, एक ओर एक सप्तप्रदेशिक स्कन्ध होता है। अथवा-एक ओर एक चतुष्प्रदेशिक स्कन्ध, एक ओर एक षट्प्रदेशिक स्कन्ध होता है। अथवा-दो पंचप्रदेशी स्कन्ध होते हैं। तीन विभाग किये जाने परएक ओर दो परमाणु पुद्गल, एक ओर एक अष्टप्रदेशी स्कन्ध होता है। अथवा-एक ओर एक परमाणु पुद्गल, एक ओर एक द्विप्रदेशी स्कन्ध, एक ओर एक सप्तप्रदेशी स्कन्ध होता है। अथवा-एक ओर एक परमाणु पुद्गल, एक ओर एक त्रिप्रदेशी स्कन्ध, एक ओर एक षट्प्रदेशी स्कन्ध होता है। अथवा-एक ओर एक परमाणु पुद्गल, एक ओर एक चतुष्प्रदेशी स्कन्ध, एक ओर एक पंचप्रदेशी स्कन्ध होता है। अथवा-एक ओर दो द्विप्रदेशिक स्कन्ध, एक ओर एक षट्प्रदेशिक स्कन्ध होता है। अथवा-एक ओर एक द्विप्रदेशी स्कन्ध, एक ओर एक त्रिप्रदेशी स्कन्ध, एक ओर एक पंचप्रदेशी स्कन्ध होता है। अथवा-एक ओर एक द्विप्रदेशी स्कन्ध, एक ओर दो चतुष्प्रदेशी स्कन्ध होते हैं। अथवा-एक ओर दो त्रिप्रदेशी स्कन्ध, एक ओर एक चतुष्प्रदेशी स्कन्ध होता है।
SR No.090160
Book TitleDravyanuyoga Part 3
Original Sutra AuthorN/A
AuthorKanhaiyalal Maharaj & Others
PublisherAgam Anuyog Prakashan
Publication Year1995
Total Pages670
LanguageHindi, Prakrit
ClassificationBook_Devnagari, Metaphysics, Agam, Canon, & agam_related_other_literature
File Size26 MB
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