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________________ IIII IIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIL सम्मान्य सहयोगी सदस्य स्व. श्री चम्पालाल जी हरखचन्द जी कोठारी बम्बई आपके पूर्वज नागौर जिले में हरसौर के निवासी थे। कुछ कारण वश आपके पूर्वज हरसौर छोड़कर पीपाड सिटी में स्थायी हुए। आप उदार दानवीर श्रेष्ठी के नाम से प्रख्यात थे। आपके अनेक व्यावसायिक प्रतिष्ठान अहमदाबाद, बम्बई, पूना आदि शहरों में फैले हुए हैं। बालकेश्वर (बम्बई), जोधपुर, पीपाड आदि शहरों के स्थानकों में आपका विशेष योगदान रहा है। राजस्थानकेसरी उपाध्याय प्रवर श्री पुष्कर मुनिजी म. सा. एवं आचार्य श्री देवेन्द्र मुनिजी म. के प्रति आपकी हार्दिक श्रद्धा भक्ति रही है। आगम अनुयोग ट्रस्ट को आपने विशेष सहयोग प्रदान किया है। स्व. श्रीमती पानीबाई बालचंद जी बाफणा, सादड़ी (मारवाड़) आप बहुत ही धर्म श्रद्धालु श्राविका थीं। साधु-साध्वियों की सेवा का विशेष लाभ लेती थीं। आपके सुपुत्र श्री रूपचंद जी व पुत्र-वधू विमलाबाई तथा पौत्र अमृतलाल जी, विनोदकुमार जी, चन्द्रकांत जी व श्रेणिकराज जी आदि पूरा परिवार धर्म श्रद्धालु है। आपने आबू पर्वत पर आयंबिल ओली कराने का भी लाभ प्राप्त किया। आपकी 'शा. संतोकचंद रूपचन्द' नाम से बम्बई में कपड़े की प्रसिद्ध दुकान है। श्रमण सूर्य श्री मरुधर केशरी जी म. के प्रति आपकी विशेष श्रद्धा-भक्ति थी। आपके परिवार की उपाध्याय श्री कन्हैयालाल जी म. 'कमल' व प्रवर्तक श्री रूपचन्द जी म. के प्रति विशेष आस्था-भक्ति है। स्व. श्री किरणराज जी भंडारी, बाली (मारवाड़) आप धार्मिक उदार भावनाशील सेवाभावी श्री गजराज जी सा. व श्रीमती दाखीबाई के बहुत ही होनहार परिश्रमी व उद्यमी सुपुत्र थे। आपका जन्म ८ अगस्त १९५२ को हुआ एवं हृदय गति रुकने से ६ अगस्त १९९३ को छोटी उम्र में ही देहावसान हो गया। आपकी धर्मपत्नी श्रीमती शकुंतलादेवी तथा पुत्र चेतनकुमार व सुरेशकुमार की भी धर्म में रुचि है। आपके भाई महेन्द्रकुमार, दिलीपकुमार, अशोककुमार व प्रवीणकुमार आदि पूरा परिवार भावनाशील है। श्री गजराज जी सा. बाली के प्रसिद्ध वकील हैं। अनेक संस्थाओं से जुड़े हुए हैं। श्री वर्धमान ध्यान साधना केन्द्र, आबू पर्वत के अध्यक्ष हैं। आपने श्री किरणराज जी की स्मृति में ट्रस्ट को विशेष योगदान दिया है। II-IIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIII
SR No.090159
Book TitleDravyanuyoga Part 2
Original Sutra AuthorN/A
AuthorKanhaiyalal Maharaj & Others
PublisherAgam Anuyog Prakashan
Publication Year1995
Total Pages806
LanguageHindi, Prakrit
ClassificationBook_Devnagari, Metaphysics, Agam, Canon, & agam_related_other_literature
File Size29 MB
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