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________________ परिशिष्ट 10 उवसग्गहरं तीर्थ ट्रस्ट से आए पैसे का भी गच्छीकरण ॥उवसमहरं पासं पास बंदामि॥ श्री उवसग्गहरं पार्श्व तीर्थ पारसनगर, नगपुरा जिला-दुर्ग (छ.ग.) फोन नं.-0788-2621201,9131836155 फैक्स-2621207, [email protected] क्रमांक 9/22/2.. दिनांक-11 -2019 श्रीमान अध्यक्ष महोदय/टस्टीगण Whatshop श्री अवन्ति पार्श्वनाथ तीर्थ Email जैन श्वे.मू.पू. मारवाड़ी समाज ट्रस्ट दानीगेट उज्जैन 456006 (म.प्र.) सादर जयजिनेन्द्र * अवगत हो कि श्री उवसम्गहरं पार्श्व तीर्थ नगपुरा द्वारा देवव्रत्य खाते से 777777/-रुपै का सहयोग प्रदानकर देहरी का लाभ लिया है। आपके पत्र दि. 30/9/18 के तारतम्य में तीर्थ कार्यालय से पत्रिका एवं शिलालेख हेतु पत्र क्र. टूस्ट 16/2018 दि. 4/10/2018 को रजिस्टर्ड पत्र से सूचित किया गया था तद् अनुसार पू.आचार्य श्रीमद् विजय राजयश सूरीश्वर जी म.सा. के सदुपदेश से श्री उवसग्गहरं पार्श्व तीर्थ पारसनगर नगपुरा जि. दुर्ग छत्तीसगढ़ अंकित किये जाने की सूचना दी गई थी। अवलोकन हेतु हमारे पत्र की छायाप्रति संलग्न है। * अत्यंत ही खेद है कि आपके ट्रस्ट मंडल द्वारा प्रतिष्ठा महोत्सव की पत्रिका आज दिनांक तक हमारे तीर्थ ट्रस्ट को नहीं भेजा गया क्षोभपूर्वक आपको अवगत कराते हुए सूचना है कि एक भाग्यशाली के पास अवन्ति तीर्थ प्रतिष्ठा की पत्रिका अवलोकन करने पर ज्ञात हुआ कि आपके ट्रस्ट मंडल ने हमारे द्वारा दिए गए नाम को जान बूझकर विलोपित कर अपने तरीके से आचार्य श्री के नाम के स्थान पर साध्वी प्रमोदश्री जी एवं साध्वी रत्नमाला श्री जी का नाम जोड़कर पत्रिका में हमारे तीर्थ का नाम प्रकाशित किया है जो कि घोर आपत्तिजनक है एवं हमारे ट्रस्ट मंडल का अपमान भी है। इस पत्र के माध्यम से आपको सूचित करते हुए इस संदर्भ में स्पष्टीकरण प्रेषित करने के साथ ही शिलालेख में ट्रस्ट मंडल द्वारा प्रेषित नाम पू.आचार्य श्रीमद् विजय राजयश सुरीश्वर जी म.सा. के सदुपदेश से श्री उवसग्गहरं पार्श्व तीर्थ पारसनगर नगपरा जि. दर्ग छत्तीसगढ़ ही अंकित किया जावेगा इसका निश्चय के साथ वचन पत्र तत्काल भिजवायें अन्यथा किसी भी प्रकार के कार्यवाही हेत आप जिम्मेदार होंगे। प्रतिलिपि*प.पू. आ. श्रीमद् विजय राजयश सूरीश्वर जी म.सा. को सूचनार्थ * सेठ आणंद जी कल्याण जी पेढ़ी अहमदाबाद को सूचनार्थ * श्री पारसचंद जैन अध्यक्ष प्रतिष्ठा महोत्सव सादर वास्ते श्री उवसम्मेहरं पार्वतीर्थ नगपुरा-दुर्ग-छत्तीसगढ़ 491001 पू. प्रवर्तिनी श्री प्रमोद श्रीजी म.सा. की शिष्या पू. माताजी म. श्री रतनमाला श्रीजी म.सा. की प्रेरणा से श्री उवसग्गहरं पावं तीर्थ, नगपुरा जिला दर्ग (छ.ग.) हस्ते श्री रावलमलजी जैन "मणि" पू. मुनि श्री मनितप्रभसागरजी म.सा. एवं प. साणी डॉ. श्री नीलांजना श्रीजी / दादाजी स्व. श्री रूपचंदजी-दादीसा रंगुदेवी, पिताश्री रीखपचंदजी, मातुश्री सूर पत्र-पुत्रवधूः श्री मदनलालजी-मथदेवी राजेन्टकमालीकि 000000000000000000000000 | 000000000000000000 6660036bbaboolobal6656 doodoodoodoot
SR No.035326
Book TitleKhartargacchacharya Jinmaniprabhsuriji Ko Pratyuttar
Original Sutra AuthorN/A
AuthorTejas Shah, Harsh Shah, Tap Shah
PublisherShwetambar Murtipujak Tapagaccha Yuvak Parishad
Publication Year
Total Pages78
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size50 MB
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