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ક્રમ
50
51
52
53
54
55
56
57
58
59
60
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66
67
e_file_no.
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3731
3733
3735
(2) आगमसुत्ताणि मूलं [Net] आगम ०१ आयारो पढमं अंगसुतं मूलं
आगम ०२ सूयगडो बीइअं अंगसुतं मूलं आगम ०३ ठाणं तइअं अंगसुतं मूलं
आगम ०४ समवाओ चउत्थं अंगसुत्तं मूलं
आगम ०५ भगवई पंचमं अंगसुत्तं मूलं
आगम ०६ नायाधम्मकहाओ षष्ठं अंगसुत्तं मूलं
आगम ०७ उवासगदसाओ सत्तम अंगसुत्तं मूलं
आगम ०८ अंतगडद्दसाओ अट्ठम अंगसुतं मूलं
आगम ०९ अनुत्तरोववाइदसाओ नवम अंगसुत्तं मूलं
| आगम १० पण्हावागरणं दसमं अंगसुतं मूलं
| आगम ११ विवागसूर्य एक्कारसमं अंगसुत्तं मूलं आगम १२ उववाइयं पढमं उवंगसुत्तं मूलं
आगम १३ रायपसेणियं बिइअं उवंगसुत्तं मूलं
आगम १४ जीवाजीवाभिगम तइयं उवंगसुत्तं मूलं
आगम १५ पन्नवणा चउत्थं उवंगसुतं मूलं
आगम १६ सूरपन्नत्ति पंचमं उवंगसुत्तं मूलं आगम १७ चंदपन्नत्ति छ उवंगसुतं मूलं
आगम १८ जंबूदीवपन्नत्ति सत्तम उवंगसुत्तं मूलं
મુનિ દીપરત્નસાગરજીના પ્રકાશનો
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કુલ પાના
103
85
141
81
565
159
34
31
10
35
42
38
7
8
9
10
11
प्राकृत
12
प्राकृत
13
प्राकृत
14
प्राकृत
15
प्राकृत
16
प्राकृत
17
122
प्राकृत
18
आगम सुत्ताणि मूलं [Net] पछीना पाने यालु
62
152
202
66
ભાષા
प्राकृत
प्राकृत
66
प्राकृत
प्राकृत
प्राकृत
प्राकृत
प्राकृत
प्राकृत
प्राकृत
प्राकृत
प्राकृत
ક્રમ
1
2
3
4
5
6
585 पुस्ती, तारीज- 31/10/2017 सुधी