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________________ आगम (४०) [भाग-5] "आवश्यक'- मूलसूत्र-१ (नियुक्ति:+वृत्ति:) ३ अध्ययनं -1, नियुक्ति: [७६७], विभा गाथा [-], भाष्यं [१३७...J, मूलं /-/गाथा-] पूज्य आगमोद्धारकरी संशोधिता मुनि दीपरत्नसागरेण संकलिता आगमसूत्र [४०] मूलसूत्र [१] आवश्यकनियुक्ति: एवं मलयगिरिसूरिरचिता वृत्ति: प्रत सूत्रांक श्रीआव-14 ताहे तस्स सगासे दस पुषाणि पढियाणि, तो अणुण्णानिमित् जहिं पेव उइट्ठो तहिं चेव अणुजाणियवोत्ति दसपुरमागया, श्रीवज्रवृत्त श्यक मल-द तत्व अणुण्णा आरद्धा, नवरि देवेहि अणुण्णा उवट्टविया, दिवामि पुप्फाणि चुण्णाणि से उवणीवाणि । अमुमेवार्थ द्र य. वृत्तौ चेतस्थारोप्य ग्रन्धकृदाहउपोद्घात जस्स अणुनाए वायगत्तणे दसपुरम्मि नयरम्मि । देवेहि कया महिमा पयाणुसारिं नमसामि ॥ ७६७॥ यस्य समनुज्ञाते वाचकत्वे-आचार्यत्वे दशपुरे नगरे देवजृम्भकैः कृता महिमा-पूजा तं वज्रा पदानुसारिणं नमस्यामि । ॥३८९॥ अण्णया सीहगिरी वइरस्स गणं दाऊण भत्तं पञ्चक्खाइय देवलोगं गतो, वइरसामीवि पंचहि अणगारसहिं संपरिवुडो विहरइ, जत्थ २ वञ्चइ तत्थ २ ओरालकित्तिवन्नसद्दापरिभमंति-अहो भयवं भवियजणविवोहणं करेंतो विहरइ । इतो य-15 पाटलिपुत्ते नयरे धणो सेट्ठी, तस्स घूया अतीव रूववती, तस्स य जाणसालाए साहुणीओ ठियातो, तातो पुण वइरस्स गुणसंथर्व करेंति, सहावेण य कामियकामतो लोओ, सिद्विधूया चिंतेइ-जइ सो मम पती होजा ताऽहं भोगे भुंजिस्सं, इयरहा अल भोगेहि, वरगा एंति, सा पसेहावेइ, ताहे-साहिति पवइयाओ-न परिणेइ, सा भणइ-जद न परिणेइ81 अपि पवज्ज गेण्हिस्सं, भयपि विहरतो पाडलिपुत्तमागतो, तस्थ राया सपरिजणो अम्मोगइयाए निग्गतो, ते पबहाद यगा फडहिं एंति, सत्थ बहवे जोरालियसरीरा, राया पुच्छइ-इमो भयवं बहरसामी,ते भणंति-न भवइ इमो, ॥ | किंतु तस्स सीसो, जाव अपच्छिम वर्द, तत्थ पविरलसाहुसहिओ दिडो, आयरियाण पडिरूवो, रामा पारसु पडितो, ताहे|81 उज्जाणे ठिया, धम्मो कहितो, खीरासवलद्धी मयचं, राया इयहियतो कतो, अंतेउरे साहति, तामओ भणंति-अम्हेविदा दीप अनुक्रम 04- 2 * ~2017
SR No.035065
Book TitleSavruttik Aagam Sootraani 2 05 Aavashyak Niryukti evam Vrutti Aagam 40 Part 3
Original Sutra AuthorN/A
AuthorAnandsagarsuri, Dipratnasagar, Deepratnasagar
PublisherParam Anand Shwe Mu Pu Jain Sangh Paldi Ahmedabad
Publication Year2017
Total Pages327
LanguagePrakrit, Sanskrit
ClassificationBook_Devnagari & agam_aavashyak
File Size27 MB
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