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________________ आगम (१५) “प्रज्ञापना" - उपांगसूत्र-४ (मूलं+वृत्ति:) पदं [३४], -------------- उद्देशक: -,------------- दारं -1, -------------- मूलं [३२१-३२७] पूज्य आगमोद्धारकरी संशोधित: मुनि दीपरत्नसागरेण संकलित..आगमसूत्र-[१५]उपांगसूत्र-[४] "प्रज्ञापना" मूलं एवं मलयगिरि-प्रणीता वृत्ति: ANA प्रत सूत्रांक [३२१ -३२७] दीप अनुक्रम प्रज्ञापना-18 आरणदेवाणं तत्थ ठियाओ चेव झाणावलंबणं होंति" तथा "ईसाणे जासिं देवीण पलिओवममहियमाउयं ताओ ३४ प्रवीयाः मल- तद्देवाणं चेव होंति,जासिं पुण अहियपलिओवमाई समयाहिया ठिई दुसमयतिसमयसंखेज्जासंखेज्जसमयाहिया जान चारपदं सू. य. वृत्ती. पण्णरसपलिया ताओ माहिंददेवाणं गच्छंति, एवं पन्नरसपलिओवरि समयाहिया ठिई जाक पणवीसं पलिया ताओ३२३-३२७ ॥५५था 18लंतगदेवाणं, जार्सि पुण पणवीसपलिओवरि समयाहिया ठिई जाव पंचतीसं पलिया ताओ सहस्सारदेवाणं, जार्सि कापण पंचतीसपलिओवरि समयाहिया ठिई जाव पणयालीसं ताओ पाणयदेवाणं तत्थ ठियाओ चेष झाणावलंवर्ण । होंति, जासिं पुण पणयालीसं पलिओवरि समयाहिया ठिई जाव पणपन्नपलिया ताओ अचुयदेवाणं तत्थ ठियाओ। चेच झाणावलंबणं हवंति" इति, 'तए ण'मित्यादि, ततो णमिति पूर्ववत्, ते देवाः ताभिरप्सरोभिः सार्दू मन:परिचारणं-सुरतानुबन्धि परस्परं सभ्यासभ्यमनःसङ्कल्पकरणरूपं कुर्वन्ति, 'सेस'मित्यादि, शेषं से जहा नामए सीया पोग्गला' इत्यादि निरवशेषं तावद् वक्तव्यं यावत् 'भुजो २ परिणमन्तीति सर्वान्तिम वाक्य, व्याख्या |चास प्राग्वत् , तत ऊर्ध्वं तु अवेयकादयो मनसाऽपि योषितो न प्रार्थयन्ति, प्रतनुवेदोदयत्वात् , यथोत्तरं चैतेऽनन्त-II गुणसुखमाजः, तथाहि-कायप्रयीचारेभ्योऽनन्तगुणसुखाः स्पर्शपरिचारकास्तेभ्योऽप्यनन्तगुणसुखाः रूपपरिचार-IMI५५२॥ कास्तेभ्योऽपि अनन्तगुणसुखाः शब्दपरिचारकास्तेभ्योऽप्यनन्तगुणसुखा मनःपरिचारकास्तेभ्योऽपि अपरिचारकाः अनन्तगुणसुखाः। साम्प्रतमेतेषामेव परस्परमल्पबहुत्वमभिधित्सुराह-एएसि णमित्यादि, सर्वस्तोका देवा अपरिचा Researceaeteceae [५८७ -५९३] wirelaamarary.org ~211
SR No.035020
Book TitleSavruttik Aagam Sootraani 1 Part 20 Pragyapana Mool evam Vrutti Part 3
Original Sutra AuthorN/A
AuthorAnandsagarsuri, Dipratnasagar, Deepratnasagar
PublisherVardhaman Jain Agam Mandir Samstha Palitana
Publication Year2017
Total Pages336
LanguagePrakrit, Sanskrit
ClassificationBook_Devnagari & agam_pragyapana
File Size71 MB
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