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________________ आगम “प्रज्ञापना" - उपांगसूत्र-४ (मूलं+वृत्ति:) पदं [२२], -------------- उद्देशक: -,------------- दारं ], -------------- मूलं [२८५-२८७] पूज्य आगमोद्धारकरी संशोधित: मुनि दीपरत्नसागरेण संकलित..आगमसूत्र-[१५]उपांगसूत्र-[४] "प्रज्ञापना" मूलं एवं मलयगिरि-प्रणीता वृत्ति: प्रत सूत्रांक [२८५-२८७] प्रज्ञापनाया: मलय० वृत्ती. 3929 २२क्रियापदे हिंसादिविरमणे तुः बन्ध ॥४४९॥ २८५-२८६ धगा य २ अहवा सत्तविहबंधगा य एगविह. अहविहबंधए य छविबंधगा य अबंधए य ३ अहवा सत्तविहबंधगा य एगविह० अढविधबंधए य छबिहबंधगा य अबंधगा य ४, अहवा सचवि० एगवि० अट्ठवि. छबिहबंधगे य अबंधए य ५, अहवा सत्तविहबंधगा य एगवि० अट्ठविह० छबिहबंधगे य अबंधगा य ६, अहवा सत्तवि० एगविह० अट्ठवि० छविहबंधगा य अबंधए य ७ अहवा सत्तविहबंधगा य एग. अडवि० छविहवं. अबंधगा य ८ एवं एते अट्ठभंगा, सब्वेवि मिलिया सत्तावीसं भंगा भवंति, एवं मण्साणवि एते चेव सत्तावीसं भंगा भाणितबा, एवं मुसावायविरयस्स जाव मायामोसविरयस्स जीवस्स य मणूसस्स य, मिच्छादसणसल्लविरए णं भंते ! जीवे कति कम्मपगडीतो पंधति , गो! सत्तविहबंधए वा अढविहबंधए वा छबिहबंधए वा एगवि० अबंधए वा, मिच्छादसणसल्लविरए णं भंते ! नेरइए कति कम्मपगडीतो बंधति', गो० सत्तविहवंधए वा अढवि० जाव पंचिंदियतिरिक्खजोणिय०, मणसे जहा जीवे, वाणमंतरजोड़सितवेमाणिते जहा नेरइते, मिच्छादसणसल्लविरया णं भंते ! जीवा कति कम्मपगडीतो बंधति ?, गो० ते चेव सत्तावीसं भंगा भाणितवा, मिच्छादसणसल्लविरया भंते ! नेरड्या कति कम्मपगडीतो बंधति, गो! सवेवि ताव होज सत्तविहबंधगा अहवा सत्तविहबंधगा य अहविहबंधगे य अहवा सचविबंधगा य अढवि० एवं जाव वेमाणिया, णवरं मणूसाणं जहा जीवाणं । (सूत्र २८६) पाणातिवायविरयस्स भंते ! जीवस्स किंआरंभिया किरिया कज्जति जाव मिच्छादसणवत्तिया किरिया कजति ?, गो! पाणातिवायविरयस्स जीवस्स आरंभिया किरिया सिय कजति सिय नो काति, पाणातिवायविरयस्स णं भंते! जीवस्स परिग्गहिया किरिया कजति', गोणो इण समहे, पाणातिवाय Emesesea दीप अनुक्रम [५३१-५३३] ४४९॥ ~502~
SR No.035019
Book TitleSavruttik Aagam Sootraani 1 Part 19 Pragyapana Mool evam Vrutti Part 2
Original Sutra AuthorN/A
AuthorAnandsagarsuri, Dipratnasagar, Deepratnasagar
PublisherVardhaman Jain Agam Mandir Samstha Palitana
Publication Year2017
Total Pages514
LanguagePrakrit, Sanskrit
ClassificationBook_Devnagari & agam_pragyapana
File Size109 MB
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