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×
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"
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"
१३
१९
२
१९
૨૨
11
४
૧
૧૧
१७
૨૦
८
૧૦
१२
अशुद्ध
एसा
तुम हीको
हौं
प्रतिक
पाठका
ता कि
ही नेभी
कदी से
श्रथमा
'यण' का
त्रयोदशीका
दगीना
"
एकदिन तकका
शरीफ
अपरा
कानो में डालकर
या
यहां
काणा
जाती
तिथिका
तपा
वह
བྷཱ
शुद्ध ऐसा
व (समुद्र से उप ) हा समुद्रसे उत्पक्ष
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तुम ही को
ही
प्रतिका
पाठ
ताकि
नेभी
कदीम से
प्रथमा
'यण' को
त्रयोदशीको
दागीना
,
एकदिन पूजन तकका शरीक
परा
कानो में अंगुली डालकर
था
है
वहां
काळा
जाता
तिथि के
तया
यह
पाकीस
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