SearchBrowseAboutContactDonate
Page Preview
Page 16
Loading...
Download File
Download File
Page Text
________________ ( म ) तरह आपने कई महत्वपूर्ण कार्यों में भाग लेकर जैन धर्म की महती सेवा के साथ ही साथ अपनी महात्मा जाति के गौरव को बढाया । खास कर के इस पुस्तक कों प्रकाशित करवा के तो आपने धर्म और राष्ट्र की पूरी सेवा की हैं । श्री हुक्मचन्दजी कुरज कुंवारिया मेवाड में सरकारी मिडिल स्कूल में संस्कृत अध्यापक हैं । श्री धर्मचन्दजी मेट्रिक में पढते हे । उदयपुर में वयोवृद्ध श्रद्धेय महात्मा वक्तावरलालजी बडे ही धर्मात्मा व विद्वान् पुरुष हैं जिन्होंने महात्मा जाति का इतिहास लिखा है । उनके पुत्र श्री बसन्तीलालजी महात्मा बडे योग्य डाक्टर है। वे योगाभ्यासी व दयालु पुरुष हैं । छोटे पुत्र श्री गणपतलालजी महात्मा बडे प्रतिष्ठित कार्यकुशल डाक्टर हैं । इसी प्रकार जोधपुर में डाक्टर भंवरलालजी पोपाड वाले, श्री वृजलालजी सरदारशहर वाले मशहूर हैं तथा कलकत्ता व बीकानेर में महात्मा एन्ड कम्पनी व जवाहर केमिकल कम्पनी वाले श्री भंवरलालजी व धनराजजी प्रसिद्ध प्रादमी है। राजाजी का करेडा में लक्ष्मीलालजी महात्मा भीलवाडा में श्री भूरालालजी महात्मा व पुर में रतनलालजी हरक लालजी महात्मा, छोटीसादडी में वैद्य माधवनालजी ममक नालजी महात्मा प्रसिद्ध हैं। मन्दसौर में राजमलजी प्रसिद्ध बैच है। Shree Sudharmaswami Gyanbhandar-Umara, Surat www.umaragyanbhandar.com
SR No.034946
Book TitleMahatma Jati ka Sankshipta Itihas
Original Sutra AuthorN/A
AuthorUnknown
PublisherZZZ Unknown
Publication Year
Total Pages120
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size6 MB
Copyright © Jain Education International. All rights reserved. | Privacy Policy